मेलबोर्न में हुए पहले फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को सात विकेट से रौंद दिया.
भारत के 222 रनों के जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने लक्ष्य 41वें ओवर में ही सिर्फ़ तीन विकेट के नुक़सान पर ही हासिल कर लिया.
ऑस्ट्रेलिया की ओर सबसे ज़्यादा 88 रन कप्तान रिकी पोंटिंग ने बनाए. मैथ्यू हेडन ने 50 और एडम गिलक्रिस्ट ने 38 रन बनाए.
पहला विकेट 48 रन पर गिर जाने के बाद कप्तान पोंटिंग और हेडन के बीच दूसरे विकेट के लिए 139 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई.
डेमियन मार्टिन 20 और एंड्रयू सिमंड्स 10 रन पर नाबाद रहे. तीनों विकेट एल बालाजी को मिले.
इससे पहले बदानी और अगरकर की महत्वपूर्ण साझेदारी के कारण पहले फ़ाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए 223 रनों का लक्ष्य रखा है.
भारत की पूरी टीम 49 ओवर में 222 रन बनाकर आउट हो गई. हेमांग बदानी 60 रन बनाकर नाबाद रहे.
एक समय तो भारत के छह विकेट सिर्फ़ 75 रन पर गिर गए थे. लेकिन सातवें विकेट के लिए अगरकर और बदानी के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी हुई.
अगरकर 53 रन बनाकर आउट हुए. दोनों खिलाड़ियों के बीच 102 रनों की साझेदारी हुई.
ब्रेट ली, गिलस्पी और इयन हार्वी ने दो-दो विकेट लिए. विलियम्स और क्लार्क को एक-एक विकेट मिला.
मेलबोर्न की पिच पर भारतीय कप्तान सौरभ गांगुली का टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला आश्चर्यजनक नहीं था.
लेकिन वही हुआ जिसका डर था. एक के बाद एक भारतीय बल्लेबाज़ आउट होते चले गए. जिनमें ज़्यादातर ग़ैर ज़िम्मेदाराना शॉट खेलते हुए आउट हुए.
परेशान
एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया गेंदबाज़ों ने शॉर्ट पिच और बॉडी लाइन गेंदों से भारतीय खिलाड़ियों को परेशान किया.
सबसे पहले आउट हुए वीरेंद्र सहवाग जो गिलेस्पी की एक उठती हुई गेंद के सामने से अपने को हटा नही सके और कैच दे बैठे.
![]() बदानी 60 रन पर नाबाद रहे |
तेंदुलकर ब्रेट ली की एक ख़ूबसूरत गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए. उसके बाद वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ ने भारतीय पारी को संभालने की कोशिश की.
इन दोनों में लक्ष्मण कुछ ख़ास आक्रमक नज़र आए और उन्होंने ब्रेट ली की गेंद पर कुछ अच्छे शॉट भी लगाए.
लक्ष्मण ने यह भी दिखाया कि शॉर्ट पिच गेंदों पर कैसे स्ट्रोक लगाए जा सकते हैं.
लेकिन उन्होंने एक ग़लती की और 25 रन के निजी स्कोर पर विलियम्स की गेंद पर आउट हो गए.
उप कप्तान राहुल द्रविड़ और कप्तान सौरभ गांगुली दोनों ने बाहर निकलती गेंद को छेड़ने की कोशिश की. दोनों हार्वी का शिकार बने.
युवराज सिंह ने पिच पर आते ही एक शानदार चौका लगाया. लक्ष्मण की तरह वे भी विश्वास से भरे नज़र आ रहे थे.
पाँच विकेट गिरने के बाद रिकी पोंटिंग ने एक बार फिर ली को गेंद थमाई और पहली ही गेंद पर युवराज गिलक्रिस्ट को कैच दे बैठे.
उसके बाद बदानी और अगरकर ने भारतीय पारी संभाली. अगरकर के 53 रन पर आउट होने के बाद सिर्फ़ इरफ़ान पठान ने कुछ हाथ दिखाए.
पठान 19 रन बनाकर रन आउट हुए. अनिल कुंबले भी दो रन पर रन आउट हुए. जबकि बालाजी को गिलेस्पी ने बोल्ड किया.
इस मैच के लिए ऑस्ट्रेलिया ने माइकल कैस्परोविच को मैदान पर नहीं उतारा. पोंटिंग ने इयन हार्वी का चयन किया.
दूसरी और भारतीय टीम के भरोसेमंद स्पिनर अनिल कुंबले की वापसी हुई है.
रोहन गावस्कर को कंधे की चोट की वजह से बाहर रहना पड़ा है और इसीलिए हेमांग बादानी मैदान में होंगे.