भारत के चौथे राष्ट्रीय शीतकालीन खेल बुधवार को भारत प्रशासित कश्मीर के गुलमर्ग में शुरु हुए.
गुलमर्ग राजधानी श्रीनगर से क़रीब पचास किलोमीटर में उत्तर में है और दुनिया के ऊँचे पहाड़ी इलाक़ों में से एक है.
यहाँ सर्दियों में भारी बर्फ़ गिरती है.
बर्फ़ गिरने पर यहाँ का नज़ारा देखने लायक़ होता है, बिल्कुल जैसे बर्फ़ का समुंदर हो जैसे.
बर्फ़ पर खेले जाने वाले खेलों के शौक़ीन अक्सर गुलमर्ग में अपना शौक़ पूरा करते हैं.
भारतीय ओलंपिक संघ का कहना है कि वह आने वाले समय में गुलमर्ग में सार्क के शीतकालीन खेलों का आयोजन करने का भी इरादा कर रही है.
संघ के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी ने बुधवार को चौथे राष्ट्रीय शीतकालीन खेलों के पहले चरण का उद्घाटन किया.
कलमाड़ी ने कहा कि गुलमर्ग में जल्दी ही अंतरराष्ट्रीय शीतकालीन खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करने के इंतज़ाम किए जा रहे हैं.
उन्होंने ख़ासतौर से भारत और पाकिस्तान के संबंधों में आ रही बेहतरी से काफ़ी उम्मीद जताते हुए कहा कि अब कश्मीर में संघर्ष विराम लागू है और गुलमर्ग शीतकालीन खेलों की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का अच्छा स्थान बन सकता है.
जम्मू कश्मीर के पर्यटन विभाग के महानिदेशक मोहम्मद सलीम बेग ने कहा कि शीतकालीन खेलों के आयोजन के लिए राज्य के पास बुनियादी ढाँचा मौजूद है.
उन्होंने कहा कि हालाँकि फिलहाल पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं लेकिन अगले राष्ट्रमंडल शीतकालीन खेलों तक काफ़ी कुछ तैयार कर लिया जाएगा.
ग़ौरतलब है कि भारत 2010 में राष्ट्रमंडल शीतकालीन खेलों का आयोजन कर रहा है.
बेग ने बताया कि गुलमर्ग में इस समय एक हज़ार लोगों के ठहरने की व्यवस्था है और अगले तीन वर्षों में बीस और होटल बनाने की योजना है.
पहले राष्ट्रीय शीतकालीन खेल छह साल पहले कश्मीर घाटी में हुए थे तब घाटी में इन्हें हालात में बदलाव का संकेत माना गया था.