मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में सुल्तान अज़लान शाह हॉकी प्रतियोगिता में भारत गुरूवार को अपने पहले मैच में विश्व विजेता जर्मनी से भिड़ेगा.
11 दिनों तक चलनेवाली इस प्रतियोगिता में सात टीमें हिस्सा ले रही हैं.
प्रतियोगिता की अन्य टीमें हैं- जर्मनी, पाकिस्तान, मलेशिया, स्पेन, कोरिया और ऑस्ट्रेलिया.
मार्च में स्पेन की राजधानी मैड्रिड में ओलंपिक के क्वालिफ़ाइंग मुक़ाबलों के लिहाज़ से अज़लान शाह प्रतियोगिता को महत्वपूर्ण समझा जा रहा है.
भारत के अलावा पाकिस्तान, मलेशिया और स्पेन के लिए अज़लान शाह प्रतियोगिता एक अभ्यास सरीखी होगी.
भारत की नई टीम
धनराज पिल्लै के नेतृत्व में भारतीय खिलाड़ी नए तालमेल के साथ टीम को एक नई शक्ल देने की कोशिश कर रहे हैं.
प्रतियोगिता में भारत की स्थिति क्या होगी, इसके बारे में पहले से कह पाना मुश्किल है क्योंकि भारतीय टीम में अधिकतर खिलाड़ी नए हैं.
भारत के मुक़ाबले विश्व कप विजेता जर्मनी, एशियाई खेलों की विजेता कोरिया, विश्व कप की उप विजेता ऑस्ट्रेलिया, पिछली बार की अज़लान शाह कप विजेता पाकिस्तान, स्पेन और मलेशिया की टीमें पूरे दम-खम के साथ उतर रही हैं.
अच्छा अतीत
वैसे भारत का प्रदर्शन इस प्रतियोगिता में काफ़ी अच्छा रहा है और उसने ये प्रतियोगिता तीन बार जीती हुई है.
भारत ने 1985, 1991 और 1995 में अज़लान शाह प्रतियोगिता जीती थी.
भारतीय टीम को एक नई शक्ल देने की कोशिश के तहत इस बार भारतीय टीम से कई वरिष्ठ खिलाड़ियों को बाहर किया गया है.
ऐसे में भारतीय टीम के नए खिलाड़ियों को बस धनराज पिल्लै और बलजीत सिंह ढिल्लों के अनुभव का फ़ायदा हो सकता है जो लंबे अर्से से भारत के लिए खेल रहे हैं.
नए कोच
भारतीय टीम के प्रशिक्षक हरेंद्र सिंह भी नए हैं.
टीम के मुख्य कोच रजिंदर सिंह भारतीय हॉकी संघ के पर्यवेक्षक की हैसियत से कुआलांलपुर गए हैं.
मंगलवार के मैचः
कोरिया बनाम पाकिस्तान, भारत बनाम जर्मनी, मलेशिया बनाम स्पेन.
फ़ाइनल मैच 18 जनवरी को खेला जाएगा.