भारत-ऑस्ट्रेलिया चौथा टेस्ट-पहली पारी: भारत- 705-7; पारी घोषित; ऑस्ट्रेलिया- 474; दूसरी पारी: भारत 211-2 पारी घोषित; ऑस्ट्रेलिया- 357-6
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी टेस्ट ड्रॉ हो गया है. इसके साथ सिरीज़ भी बराबर रही और बॉर्डर-गावसकर ट्रॉफी पर भारत का क़ब्ज़ा बना रहा.
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव वॉ ने अपने आख़िरी टेस्ट में महत्वपूर्ण पारी खेली. दूसरी पारी में उन्होंने 80 रन बनाए और टेस्ट बचाने में ख़ास भूमिका निभाई
पहली पारी में शतक बनाने वाले साइमन कैटिच 77 रन पर नाबाद रहे.
भारत ने ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में जीत के लिए 443 रनों का लक्ष्य दिया था.
ब्रिसबेन में पहला टेस्ट ड्रॉ रहा था जबकि एडीलेड टेस्ट भारत ने जीता था. मेलबोर्न टेस्ट जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने हिसाब बराबर किया और आख़िरी टेस्ट ड्रॉ ख़त्म हुआ.
चौथे दिन के स्कोर बिना किसी नुक़सान के 10 रनों से आगे खेलते हुए सलामी बल्लेबाज़ जस्टिन लैंगर और मैथ्यू हेडन ने संभल कर खेलना शुरू किया.
पहले आउट हुए हेडन जिन्होंने 30 रन बनाए और वे कुंबले की गेंद पर द्रविड़ के हाथों कैच आउट हुए.
जस्टिन लैंगर 47 रन बनाकर आउट हुए. उनका विकेट मुरली कार्तिक को मिला.
डेमियन मार्टिन और रिकी पॉटिंग ने तीसरे विकेट के लिए 78 रन जोड़े.
डेमियन मार्टिन को 40 रनों के निजी स्कोर पर कुंबले के शिकार बने.
ख़ास टेस्ट
सिडनी टेस्ट कई मायनों में ख़ास रहा. टेस्ट मैचों में सबसे सफलतम कप्तान रहे स्टीव वॉ ने अपने घरेलू मैदान पर आख़िरी टेस्ट खेला.
तो हर तरफ से आलोचना झेल रहे भारत के मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने सबका मुँह बंद कर दिया.
सचिन ने पहली पारी में 241 और दूसरी में 60 रनों की पारी खेली और दोनों पारी में आउट भी नहीं हुए.
अनिल कुंबले ने न सिर्फ़ अपने कप्तान भरोसा जीता बल्कि अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए अकेले सिडनी टेस्ट में 12 विकेट झटके.
वीवीएस लक्ष्मण ने भी साबित कर दिया कि वे मध्यक्रम के भरोसेमंद बल्लेबाज़ हैं. उन्होंने सिडनी टेस्ट की पहली पारी में 178 रन बनाए.
भारत की ओर से इस सिरीज़ के खोज रहे इरफ़ान पठान जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया की तेज़ पिच पर अपना हुनर दिखाया.
विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने भी बल्ले से अपना जौहर दिखाया और उन्होंने अपना पहला अर्धशतक भी लगाया.