ऑस्ट्रेलिया ने मेलबोर्न में भारत से तीसरा टेस्ट जीतकर मौजूदा सिरीज़ 1-1 से बराबर कर ली है.
ऑस्ट्रेलिया ने तीसरा टेस्ट नौ विकेट से जीता.
मेज़बान टीम को जीत के लिए 95 रन बनाने थे जो उसने 22 ओवर और दो गेदों में ही बना लिए.
रिकी पाँटिंग और मैथ्यू हैडन ने 88 रन की साझेदारी निभाई.
हेडन का निजी स्कोर रहा 53 और पहली पारी में दोहरा शतक लगाने वाले पाँटिंग दूसरी पारी में 31 पर नाबाद रहे.
इस सिरीज़ का चौथा और अंतिम टेस्ट दो जनवरी को सिडनी में शुरू होगा और यह टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के स्टीव वा का अंतिम टेस्ट मैच होगा.
भारत के गेंदबाज़ नई गेंद के साथ मैदान में उतरे और उन्हें जल्दी-जल्दी विकेट गिराने की ज़रूरत थी लेकिन कामयाबी नहीं मिली.
सिर्फ़ अजीत अगरकर ही एक विकेट ले पाए जो उन्होंने जस्टिन लैंगर को गिराकर लिया. उस समय लैंगर सिर्फ़ दो रन ही बना पाए थे.
उसके अगले ही ओवर में आशीष नेहरा ने हेडन को पगबाधा करने की कोशिश की लेकिन वह बाल-बाल बच गए.
सिर्फ़ एक बार कुंबले की फिरकी गेंद से और बचने के बाद हेडन ने तक़रीबन सारा समय भरोसे के साथ बल्लेबाज़ी की.
खब्बू बल्लेबाज़ हेडन ने नौ चौके लगाए जिनमें दो तो कुंबले के अगले ओवर में ही लगे और वे अर्धशतक का आँकड़ा पार करके 62 पर जा पहुँचे.
रिकी पाँटिंग ने पहली पारी में बेहतरीन 257 का स्कोर दिया जिससे मैच ऑस्ट्रेलिया के पक्ष में जाता नज़र आने लगा था.
लेकिन दूसरी पारी में उनपर 11 के स्कोर पर ही उस समय ख़तरा मंडरा गया था जब उन्होंने एक रन लेने की ख़तरनाक कोशिश की और सचिन तेंदुलकर ने कवर से गेंद फेंकी लेकिन वर स्टंप चूक गई और पाँटिंग को एक तरह से जीवन दान मिला.
बस यह भारतीय टीम का आख़िरी मौक़ा था और पाँटिंग ने कुंबले की गेंद पर शानदार चौका लगाकर जीत पक्की कर ली.
चौथा दिन
टेस्ट के चौथे दिन अपनी दूसरी पारी में भारत के सभी खिलाड़ी 286 रन बनाकर आउट हो गए थे और भारत ने ऑस्ट्रेलिया के सामने जीत के लिए केवल 95 रनों का लक्ष्य रखा था.
चौथे दिन राहुल द्रविड़ ने भारतीय पारी को कुछ संभाला था और उन्होंने 92 रन बनाए थे.