इंग्लैंड के फ़ुटबॉल खिलाड़ी रियो फ़र्डिनेंड पर आठ महीने के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है.
इंग्लैंड के प्रतिष्ठित फ़ुटबॉल क्लब मैनचेस्टर यूनाइटेड से खेलने वाले फ़र्डिनेंड पर आरोप था कि वे जान-बूझकर सितंबर में हुए ड्रग टेस्ट में शामिल नहीं हुए.
इस पर हुए विवाद के कारण ही फ़र्डिनेंड तुर्की के ख़िलाफ़ यूरो 2004 के एक महत्वपूर्ण क्वालीफ़ाइंग मैच में भी नहीं खेल पाए थे.
इस मामले को लेकर ही इंग्लैंड के ख़िलाड़ियों और फ़ुटबॉल एसोसिएशन के बीच मतभेद पैदा हो गए थे और एक बार तो तुर्की के ख़िलाफ़ मैच के बहिष्कार तक का ख़तरा पैदा हो गया था.
स्वतंत्र जाँच के बाद फ़ुटबॉल एसोसिएशन ने फ़र्डिनेंड पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की.
यह प्रतिबंध 12 जनवरी से लागू होगा.
इसका मतलब यह हुआ कि फ़र्डिनेंड इस साल बाक़ी के फ़ुटबॉल सीजन और यूरो 2004 में नहीं खेल पाएँगे.
मैनचेस्टर यूनाइटेड ने पहले ही संकेत दे दिया है कि क्लब सज़ा के ख़िलाफ़ अपील करेगा.
तीन सदस्यीय अनुशासन आयोग ने सर्वसम्मति से यह फ़ैसला किया. हालाँकि मैनचेस्टर यूनाइटेड के मैनेजर सर एलेक्स फ़र्ग्यूसन और इस मामले से जुड़े कई लोगों ने फ़र्डिनेंड के पक्ष में अपनी बातें रखी.
मैनचेस्ट यूनाइटेड के निदेशक मौरिस वॉटकिंस ने कहा, "हम इस मामले में हुए फ़ैसले से काफ़ी निराश हैं. हम इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील करेंगे."
दरअसल 23 सितंबर को फ़र्डिनेंड को नियमित ड्रग टेस्ट के लिए बुलाया गया था. लेकिन वे वहाँ नहीं गए.
बाद में उन्होंने नए सिरे से टेस्ट की पेशकश करते हुए दलील दी कि वे ड्रग टेस्ट के बारे में भूल गए थे.