एडीलेड में भारत की ऐतिहासिक जीत का भारतीय क्रिकेट के दीवानों ने दिल खोलकर स्वागत किया है.
राहुल द्रविड़ के बल्ले से विजयदायी रन निकलते ही मुंबई की स्कूली लड़कियों ने शोर मचाना शुरू किया--इंडिया इज़ द बेस्ट.
दिल्ली के दोपहर के एक अख़बार ने सद्दाम हुसैन की ख़बरों को छोड़कर हेडलाइन लगाई--'हमने चैंपियन को हराया.'
ज़्यादातर क्रिकेट प्रेमियों का कहना था कि ऑस्ट्रेलिया को हराना सपने के साकार होने जैसा है.
कोलकाता में इंजीनियरिंग के एक छात्र उद्दीपन मुखर्जी ने कहा, "यह सही है कि ऑस्ट्रेलिया की टीम अपने पूरे ज़ोर पर नहीं है लेकिन फिर भी वह एक बहुत मज़बूत टीम है."
ज़्यादातर लोग इस बात से खुश लगे कि आख़िरकार ऑस्ट्रेलिया का वर्चस्व टूटा.
घमंड टूटा
एक कॉलेज में पढ़ाने वाली सुदेशना चक्रवर्ती ने कहा, "मैं इस बात से ज़्यादा ख़ुश हूँ कि भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराया, वे कुछ ज़्यादा ही घमंडी हो गए थे."
ऑस्ट्रेलिया के कई खिलाड़ियों ने खुलेआम कुछ भारतीय खिलाड़ियों की क्षमता पर सवाल उठाए थे.
एक रिटायर सरकारी अधिकारी समीर भट्टाचार्च ने कहा कि "भारत ने ऑस्ट्रेलिया को सही सबक सिखाया."
भारत के लोगों के लिए साफ़ तौर पर मैच के हीरो राहुल द्रविड़ रहे जिन्होंने दोनों पारियों में शानदार बल्लेबाज़ी की और मैच जिताया.
मुंबई की एक लड़की ने कहा, "राहुल से बेहतर कोई नहीं."
ऐसा नहीं है कि सिर्फ़ भारतीय प्रशंसक ही ख़ुश हैं, पूर्व खिलाड़ी और अधिकारी भी ख़ुशियाँ मना रहे हैं.
कपिल देव ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से बातचीत में कहा, "मैं सुबह से ही खुशी से उछल रहा हूँ."
उन्होंने कहा, "भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह बहुत ख़ुशी का मौक़ा है, भारतीय टीम को यह सफलता मिलनी ही चाहिए थी, वे बहुत अच्छा खेले."
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के प्रमुख जगमोहन डालमिया ने कहा कि अगर भारतीय टीम ने अगला टेस्ट मैच जीत लिया तो वे खिलाड़ियों से मिलने ऑस्ट्रेलिया जाएँगे.
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा है कि भारत ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है और वह सिरीज़ भी जीत सकता है ताकि ऑस्ट्रेलिया की जीत का सिलसिला टूटे.
भारत से बाहर भारत ने आख़िरी बार टेस्ट मैचों की सिरीज़ 1986 में जीती थी, कपिल देव के नेतृत्व में भारत ने इंग्लैंड को हराया था.