महाराष्ट्र में पुणे की एक ज़िला अदालत ने राज्य की क्रिकेट टीम के उप-कप्तान अभिजीत काले का निलंबन निरस्त कर दिया है.
काले पर रिश्वत देने का आरोप लगने के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें निलंबित कर दिया था.
दो राष्ट्रीय चयनकर्ताओं ने आरोप लगाए थे कि काले ने ऑस्ट्रेलिया जाने वाली टीम में शामिल होने के लिए रिश्वत देने की कोशिश की.
पुणे की ज़िला अदालत के न्यायाधीश वीडी कुलकर्णी ने आदेश दिया कि काले को रणजी ट्रॉफ़ी के लिए महाराष्ट्र की टीम में शामिल होने की इजाज़त दी जाए.
इस बीच बोर्ड मामले की जाँच जारी रख सकता है.
राष्ट्रीय चयनकर्ता प्रणव रॉय ने काले पर आरोप लगाया था कि उन्हें रिश्वत देने की कोशिश की गई.
साथ ही चयनकर्ता किरण मोरे ने भी कहा कि राष्ट्रीय टीम में जगह पाने के लिए काले ने ग़लत तरीक़े अपनाने की कोशिश की.
निलंबन और जाँच
इसके बाद भारतीय बोर्ड ने काले को 21 नवंबर को निलंबित कर दिया था और भारतीय बार काउंसिल के अध्यक्ष डीवी सुब्बाराव से जाँच शुरू करने के लिए कहा था.
सुब्बाराव ने काले और दोनों चयनकर्ताओं को शनिवार को उनके समक्ष पेश होने के लिए कहा है.
पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान कपिल देव और बिशन सिंह बेदी ने मामले की जाँच-पड़ताल किए बिना ही काले को निलंबित करने के लिए बोर्ड की आलोचना की थी.
बोर्ड की कार्यसमिति रविवार को इस मसले पर आपातकालीन बैठक कर रही है.