भारतीय क्रिकेट जगत में मैचफ़िक्सिंग विवाद की सनसनी के बाद एक नया विवाद सामने आया है.
इस बार आरोप लगे हैं कि प्रथम श्रेणी के मैच खेलनेवाले एक क्रिकेटर ने भारत-ए की टीम में चुने जाने के लिए कथित तौर पर रिश्वत देने की कोशिश की.
श्रीलंका-ए की टीम भारत आ रही है जहाँ वह भारत की ए टीम के साथ मैच खेलेगी.
भारतीय क्रिकेट बोर्ड(बीसीसीआई) संयुक्त सचिव रत्नाकर शेट्टी ने ये दावा किया है कि एक खिलाड़ी ने दो चयनकर्ताओं को रिश्वत देने का प्रयास किया.
रत्नाकर शेट्टी ने तो किसी का नाम नहीं लिया मगर मीडिया में इस सिलसिले में महाराष्ट्र के मध्य क्रम के बल्लेबाज़ अभिजीत काले का नाम सामने आया है.
अभिजीत काले ने इस आरोप को ग़लत बताया है.
बीसीसीआई ने बिना किसी का नाम लिए यह पुष्टि की है कि ऐसा मामला सामने आया है.
बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया इस बारे में शुक्रवार को बयान दे रहे हैं.
मामला
बीसीसीआई अधिकारी रत्नाकर शेट्टी ने रिश्वत के इस मामले की जानकारी दी है.
उन्होंने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया,"एक खिलाड़ी ने भारत-ए टीम में चयन के लिए दो चयनकर्ताओं को रिश्वत देने की पेशकश की."
उन्होंने मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि सारे मामले की जाँच की जाएगी.
रत्नाकर शेट्टी ने कहा,"अगर आरोप सही पाया गया तो इस खिलाड़ी के विरूद्ध कड़े क़दम उठाए जाएँगे".
उधर अभिजीत काले ने इस सिलसिले में अपना नाम उछलने का ज़ोरदार खंडन किया है.
उन्होंने पीटीआई से कहा,"मुझे नहीं पता मेरा नाम यहाँ कैसे आया. ये आरोप ग़लत हैं".
30 वर्षीय काले भारत-ए टीम में नहीं चुने जा सके.
उन्होंने भारत के लिए एक वन डे मैच खेला है.
मगर घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है और उन्होंने 24 शतकों के सहारे 6806 रन बनाए हैं.