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पाकिस्तानी क्रिकेट में घमासान

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम और उसके खिलाड़ियों पर नज़र रखने वालों को ये ख़बर ज़्यादा अचंभित नहीं करेगी.

चयनकर्ता आमिर सोहेल और कोच जावेद मियाँदाद के बीच एक बार फिर से झड़प हो गई है.

और इस बार की झड़प का कारण है पाकिस्तान की न्यूज़ीलैंड के साथ एकदिवसीय मैचों की श्रृंखला के लिए टीम का चयन.

कहा जा रहा है कि इस टीम के चयन में न तो टीम के कोच जावेद मियाँदाद से विचार विमर्श किया गया और न ही कप्तान इंज़माम-उल-हक़ से ही कोई बात की गई.

मियाँदाद का कहना है," पता नहीं क्यों हमें नज़रअंदाज़ किया जा रहा है? अगर वे हमसे कुछ राय मशविरा कर ही लेते तो उसमें क्या हर्ज था.?"

पाकिस्तान के क्रिकेट प्रेमियों के लिए ये घटनाक्रम निराशाजनक इसलिए भी है क्योंकि टीम अभी अच्छा खेल रही है.

विवाद

पाकिस्तानी क्रिकेट टीम की एक विशेषता ये रही है कि किसी भी दूसरे देश की तरह यहाँ खिलाड़ियों के बीच के विवाद छिपते नहीं हैं.

पूर्व पाकिस्तानी ऑलराउंडर आसिफ़ इक़बाल को जावेद मियाँदाद से सहानुभूति है.

उन्होंने बीबीसी स्पोर्ट वेबसाइट को बताया," ये एक किस्म की तानाशाही ही है.चयनकर्ताओं को जावेद से मशविरा करना चाहिए था. उनके कोच बनने के बाद से टीम के प्रदर्शन में काफ़ी सुधार है."

पुराना तनाव

मियाँदाद और सोहेल के बीच के तनाव का इतिहास 1996 के विश्व कप के समय का है.

मियाँदाद ने जैसे ही अपने रिटायरमेंट की घोषणा की थी तो उस समय उप-कप्तान रहे सोहेल ने टिप्पणी की थी," अब टीम बेहतर खेलेगी क्योंकि टीम के मामलों में टाँग अड़ाने वाले मियाँदाद ने सन्यास ले लिया है."

इसके बाद मैच फ़िक्सिंग के मामले में भी दोनों पूर्व खिलाड़ियों के बीच मतभेद गहरा गए थे.

सलीम मलिक और एजाज़ अहमद पर मैच फ़िक्सिंग में लिप्त होने के आरोप लगे थे, पूछताछ की जा रही थी.

मियाँदाद ने एक संवाददाता सम्मेलन में दोनों को निर्दोष बताया जबकि सोहेल ने इस बात से अपना पल्ला झाड़ लिया.

बाद में एक बार फिर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने 2003 विश्व कप क्रिकेट के बाद इन खिलाड़ियों को अपनी पारी खेलने का मौक़ा दिया.

मियाँदाद कोच बनाए गए तो सोहेल चयनकर्ता टीम के सदस्य.

और ये फिर लड़ पड़े.

अब देखना ये है कि इन आपसी रंजिशों का पाकिस्तानी क्रिकेट की वर्तमान टीम के प्रदर्शन पर कितना असर पड़ता है?