क्रिकेट में मैच फ़िक्सिंग विवाद के बाद अब टेनिस पर भी इसकी छाया पड़ती नज़र आ रही है.
ब्रिटेन के एक अख़बार में कहा गया है कि टेनिस की आधिकारिक संस्था कुछ नामी खिलाड़ियों के मैच फ़िक्स करने के बारे में जाँच कर रही है.
अख़बार संडे टेलीग्राफ़ में छपी एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ये सभी खिलाड़ी पुरूष हैं और उन्होंने जान-बूझकर अपने मैच गँवा दिए.
अख़बार के अनुसार ये सारा सौदा खिलाड़ियों के कोचों और इंटरनेट के माध्यम से सट्टा लगानेवाले अन्य मध्यस्थों के माध्यम से हुआ.
ऐसा समझा जाता है कि एटीपी को इस मामले की भनक सबसे पहले तीन महीने पहले लगी.
सख़्त कार्रवाई
संडे टेलीग्राफ़ ने टेनिस की अंतरराष्ट्रीय संस्था एटीपी के एक अधिकारीरिचर्ड एगिंस से इस बारे में बात की जिन्होंने बताया कि संस्था इस मामले को काफ़ी गंभीरता से ले रही है.
उन्होंने कहा,"किसी खिलाड़ी के दोषी पाए जाने की सूरत में उसे एक लाख डॉलर और सट्टेबाज़ी में लगी रकम की वापसी का जुर्माना और तीन साल का निलंबन झेलना पड़ सकता है जो आजीवन प्रतिबंध के समान है."
अख़बार का कहना है कि इस मामले में लिप्त अधिकतर खिलाड़ी दुनिया के पहले 100 खिलाड़ियों में शामिल नहीं हैं.
मगर साथ ही उसने ये भी दावा किया है कि एटीपी ने पहले दस नंबर में रहनेवाले एक पूर्व खिलाड़ी को चेतावनी देकर छोड़ दिया.
इस खिलाड़ी के एक मैच पर ख़ूब सट्टा लगा था और वह मैच आसानी से हार गया था.