जर्मनी के माइकल शूमाकर ने लगातार छठी बार फॉर्मूला वन विश्व चैंपियन का ख़िताब जीत कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है.
फ़ेरारी ड्राइवर शूमाकर ने अर्जेंटीना के युवान मैनुएल फ़ैन्जियो के पाँच ख़िताब का विश्व रिकॉर्ड तोड़कर यह उपलब्धि हासिल की.
जापानी ग्रां प्री में हालाँकि शुमाकर को आठवाँ स्थान हासिल हुआ, लेकिन विश्व ख़िताब हासिल करने के लिए उन्हें ज़रूरी अंक मिल गए.
जापानी ग्रां प्री में जीत हासिल हुई फ़ेरारी टीम में शूमाकर के साथी रुबिन बैरिकेलो.
विश्व ख़िताब के लिए शूमाकर के तगड़े प्रतिद्वंद्वी मैकलॉरेन के किमी राइकोनेन बैरिकेलो के बाद दूसरे नंबर पर रहे.
राइकोनेन पिछड़े
अगर किमी राइकोनेन प्रतियोगिता जीत भी जाते, तो अंकों के मुक़ाबले में वे शूमाकर को नहीं पछाड़ पाते.
जापानी ग्रां प्री के क्वालीफ़ाइंग सत्र में शूमाकर 14नंबर पर पिछड़ गए थे, लेकिन इसका कारण बारिश थी जिसके चलते ट्रैक काफ़ी फिसलन वाली हो गई थी.
शूमाकर को यही डर था कि कहीं वे रेस में पिछड़ गए, तो विश्व चैंपियन के लिए ज़रूरी एक अंक उन्हें नहीं मिल पाएगा.
और इसके लिए उन्हें कम से कम आठवें स्थान पर आना ज़रूरी था.
शूमाकर ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन तकूमा साटो के साथ हुई टक्कर के बाद उनकी रफ़्तार धीमी पड़ गई, क्योंकि उन्हें पिट लेन में आना पड़ा.
स्थिति यहाँ तक आ गई कि वे 12 वें से 13 वें नंबर पर चल गए.
आठवें नंबर पर आने के लिए शूमाकर को अपने भाई राफ़ शूमाकर और क्रिस्टियानो डी माटा से कड़ी टक्कर मिली.
लेकिन आठवें नंबर पर आने के बाद शूमाकर ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को कोई चुनौती नहीं दी.
और इस तरह फॉर्मूला वन रेसिंग में एक अहम मुक़ाम हासिल कर लिया.