इंग्लैंड से पहले टी-20 में इन पाँच वजहों हारी टीम इंडिया

इमेज स्रोत, Reuters
- Author, मनोज चतुर्वेदी
- पदनाम, वरिष्ठ खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
- प्रकाशित
भारत ने इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ की तरह ही टी-20 सिरीज़ में भी हार के साथ शुरुआत की. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में इंग्लैंड ने चैंपियनों वाला प्रदर्शन करके आठ विकेट से विजय प्राप्त की.
भारत इस साल के आख़िर में घर में होने वाले टी-20 विश्व कप के लिए सही तालमेल बनाने के हिसाब से इस मैच में उतरा पर टीम प्रभावित करने में सफल नहीं हो सकी.
भारत की इस हार का हम विश्लेषण करें तो इसके पाँच प्रमुख कारण नज़र आते हैं.
रोहित शर्मा का बाहर बैठना
रोहित शर्मा ने भले ही पिछले दिनों टेस्ट क्रिकेट में अपने पैर जमा लिए हैं पर छोटे प्रारूप के तो वह हमेशा ही मास्टर क्लास बल्लेबाज़ रहे हैं.
सही मायनों में भारतीय टीम प्रबंधन को उनका जोड़ीदार तलाशने की ज़रूरत है. भारतीय कप्तान विराट कोहली ने एक दिन पहले रोहित शर्मा और केएल राहुल को ओपनर के तौर पर उतारने की जानकारी दी थी. पर शायद शिखर धवन की जगह बनाने के लिए रोहित को बाहर बैठाना खल गया.
रोहित पारी को मज़बूती देने के लिए जाने जाते हैं. लेकिन उनकी अनुपस्थिति में केएल राहुल और शिखर धवन दोनों ही प्रभावित करने में सफल नहीं हो सके. सही मायनों में यह दोनों ही इंग्लैंड की कसी हुई गेंदबाजी के सामने रन बनाने के मौक़े जुटाने में भी असफल रहे.
रोहित शर्मा ने पिछले दिनों इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया था और उनकी इस फॉर्म का फ़ायदा उठाने के बजाय इंग्लैंड को भारत पर दवाब बनाने का मौक़ा दे दिया गया.

इमेज स्रोत, Reuters
विराट का निराश करना
भारतीय कप्तान विराट कोहली पिछले काफ़ी समय से अपनी क्षमता के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं. यह मैच भी इससे अलग नहीं रहा. उन्होंने टॉस के बाद कहा कि वह आक्रामक प्रदर्शन करेंगे पर ना तो टीम और ना ही वह ख़ुद उम्मीदों पर खरे उतर सके. इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ जोफ्ऱा आर्चर और मार्क वुड दोनों ही ग़ज़ब की गति तो रखते ही हैं, साथ ही उन्हें विकेट से भी उछाल मिल रहा था.
इस कारण विराट को रन के लिए जूझना पड़ा. राहुल का विकेट जल्दी निकल जाने पर विराट ने इस दवाब से निकलने के लिए रशीद की गेंद पर ग़लत शॉट खेलकर अपना विकेट गंवाकर टीम को और दवाब में ला दिया.
इस दौरान ही शिखर धवन ने ग़ैर-ज़िम्मेदाराना शॉट खेलकर टीम को पूरी तरह से दवाब में ला दिया. भारत ने पाँच ओवर में 20 रन तक स्कोर पहुँचते-पहुँचते तीन विकेट खो दिए और इस दवाब से वह कभी निकल नहीं सकी. इसके लिए इंग्लैंड के गेंदबाज़ों की भी प्रशंसा करनी होगी.

इमेज स्रोत, Reuters
श्रेयष को नहीं मिला पंत और हार्दिक से साथ
ऋषभ पंत को श्रेयष से पहले बल्लेबाज़ी के लिए उतारे जाने पर थोड़ी हैरत ज़रूर हुई. पर लगा कि टेस्ट सिरीज़ में दिखाई शानदार फॉर्म का फ़ायदा उठाने के लिए उन्हें ऊपर भेजा गया है. पंत ने जिस तरह के खेल से शुरुआत की, उससे लगा कि वह टीम के संकट मोचक साबित हो सकते हैं.
वह और श्रेयष जब गेंदबाज़ों पर दवाब बनाते नज़र आने लगे थे, तब ही पंत की सही टाइमिंग से लगाया शॉट बेयरेस्टो के हाथों में चला गया. इसके बाद श्रेयष ने हार्दिक पांड्या के साथ टीम को लड़ने लायक स्कोर तक पहुंचाने का प्रयास किया.
लेकिन जब लगा कि यह जोड़ी अपनी ज़िम्मेदारी को निभाने की तरफ बढ़ रही है, पर हार्दिक भी पंत की तरह ग़लत समय पर आउट हो गए. पंत और हार्दिक ने यदि विकेट पर थोड़ा और टिकने का माद्दा दिखाया होता तो बहुत संभव है कि भारतीय टीम 150 रन के स्कोर तक पहुंच सकती थी. इस स्थिति में भारतीय गेंदबाज़ों को थोड़ा दवाब बनाने का मौक़ा मिल सकता था.

इमेज स्रोत, Reuters
इंग्लैंड के ओपनरों ने मैच का फ़ैसला तय कर दिया
इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज़ जोस बटलर और जेसन रॉय ने अपने प्रदर्शन से साबित किया कि उनकी टीम इस प्रारूप में नंबर वन क्यों है. भारतीय पेस गेंदबाज़ी जोड़ी के भुवनेश्वर कुमार लंबे समय बाद वापसी कर रहे थे.
हालांकि उन्होंने इस हिसाब से अच्छी गेंदबाज़ी की. लेकिन छोटे लक्ष्य को बचाने के लिए विकेट की ज़रूरत थी, उसमें वह सफल नहीं हो सके. असल में जोस बटलर और जेसन रॉय जिस आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाजी कर रहे थे, उससे कभी लगा ही नहीं कि उनके ऊपर गेंदबाज़ कोई प्रभाव डाल पा रहे हैं.
पिछले दिनों टेस्ट सिरीज़ के सफल गेंदबाज अक्षर पटेल तो ख़ासतौर से इन दोनों बल्लेबाज़ों के निशाने पर रहे. इस जोड़ी ने आठ ओवरों में 72 रन बनाकर मैच पर अपनी टीम की पकड़ मज़बूत कर दी. इस जोड़ी के पविलियन लौट जाने पर डेविड मलान और बेयरेस्टो ने मोर्चा संभालकर इंग्लैंड को आसानी से 15.3 ओवरों में लक्ष्य तक पहुँचा दिया.

इमेज स्रोत, Reuters
भारतीय अटैक नहीं साबित हुआ खरा
भारत इस मैच में तीन स्पिनरों के साथ उतरा. यजुवेंद्र चहल काफ़ी महंगे साबित हुए तो अक्षर पटेल की गेंदबाज़ी से कभी लगा ही नहीं कि इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों को परेशानी में डालने की उनमें क्षमता है.
वहीं पेस गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार और शार्दुल ठाकुर इंग्लैंड के पेस गेंदबाज़ों जैसी तेज़ी नहीं होने से विकेट से वैसी उछाल नहीं पा सके, जो बल्लेबाज़ों को परेशानी में डालती.
स्पिन में तो भारत के पास विकल्प नहीं हैं पर पेस गेंदबाज़ी में ज़रूर बदलाव किया जा सकता है. अभी सिरीज़ के चार मैच बाक़ी हैं और भारत के सामने टेस्ट सीरीज़ की तरह ही वापसी करने का मौक़ा है.
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)


























