भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया: ये बड़े खिलाड़ियों की जंग होगी

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- Author, आदेश कुमार गुप्त
- पदनाम, खेल पत्रकार, बीबीसी हिंदी के लिए
- प्रकाशित
विराट कोहली की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने साल 2020 का आग़ाज़ उम्मीद के अनुसार जीत के साथ किया.
भारत ने अपने ही घर में श्रीलंका के ख़िलाफ़ खेली गई तीन मैचों की टी-20 सिरीज़ 2-0 से अपने नाम की.
वैसे गुवाहाटी का मैच तो बारिश के कारण एक गेंद हुए बिना रद्द हो गया. इंदौर में खेला गया दूसरा मैच भारत ने सात विकेट से और पुणे में खेला गया तीसरा मैच भारत ने 78 रन के विशाल अंतर से अपने नाम किया.
श्रीलंका के ख़िलाफ़ खेली गई टी-20 सिरीज़ में शिखर धवन और जसप्रीत बुमराह ने चोट से उभरकर वापसी की.
शिखर धवन ने इसका फ़ायदा उठाया और इंदौर में 32 और पुणे में 52 रन बनाकर इसका जश्न मनाया.

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जसप्रीत बुमराह थोड़े फीके साबित हुए. उन्हें दोनो मैच में एक-एक विकेट मिल सका, लेकिन शार्दुल ठाकुर और नवदीप सैनी छाए रहे.
अब साल 2020 में भारत की पहली और ज़ोरदार परीक्षा अपने ही घर में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ होगी.
एरोन फिंच की कप्तानी में ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत में तीन एकदिवसीय अंतराष्ट्रीय क्रिकेट मैच की सिरीज़ खेलेगी.
इसका पहला मैच 14 जनवरी को मुंबई, दूसरा मैच 17 जनवरी को राजकोट और तीसरा और अंतिम मैच 19 जनवरी को बैंगलुरू में खेला जाएगा.
इस सिरीज़ की अहमियत का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि भारत आते ही ऑस्ट्रेलिया के कप्तान एरोन फिंच ने कहा कि उनके बल्लेबाज़ों को तेज़ गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह का हौव्वा दिमाग़ से निकालना होगा.
दूसरी तरफ़ भारतीय टीम तो जसप्रीत बुमराह ही नहीं वरना बाक़ि सभी गेंदबाज़ों के दम पर शानदार प्रदर्शन कर रही है.
अब अगर ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ होने वाली एकदिवसीय सिरीज़ के लिए भारतीय गेंदबाज़ी की बात करें तो उसमें जसप्रीत बुमराह के अलावा बेहद अनुभवी मोहम्मद शमी, नवदीप सैनी, शार्दुल ठाकुर जैसे तेज़ गेंदबाज़ों के अलावा स्पिनर को तौर पर रविंद्र जडेजा, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल और समय पड़ने पर अपने हाथ खोलने वाले केदार जाधव शामिल है.
शार्दुल ठाकुर ने श्रीलंका के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ के दो मैच में पाँच और नवदीप सैनी ने भी पाँच विकेट झटके.

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शार्दुल ठाकुर ने तो बल्ले से भी कमाल किया. उन्होंने पुणे में खेले गए दूसरे मैच में केवल आठ गेंदों पर एक चौके और दो छक्कों के सहारे नाबाद 22 रन बनाए. इसके अलावा उनकी वेस्ट इंडीज़ के ख़िलाफ़ कटक में खेले गए तीसरे और निर्णायक मैच में नाबाद 17 रन की संक्षिप्त लेकिन मैच जीताने वाली पारी को कौन भूल सकता है.
उन्होंने केवल छह गेंदों पर दो चौके और एक छक्का जमाकर भारत को ऐसे मैच में जीत दिलाई जहां लग रहा था कि वेस्ट इंडीज़ बाज़ी मार लेगा.
शार्दुल ठाकुर ने कहा भी है कि वह चाहते है कि नम्बर आठ पर बल्लेबाज़ के तौर पर अपना योगदान दे सके. उनमें इसकी योग्यता है और इसमें निखार के लिए वह निरंतर अभ्यास भी करते है.
उन्हें अपनी आउटस्विंग होती गेंदों पर भी भरोसा है. दूसरी तरफ़ नवदीप सैनी बड़ी तेज़ी से अपनी छाप छोड़ते जा रहे है.
तेज़ रफ़्तार वाली गेंद उनकी ख़ासियत है.

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बल्लेबाज़ी में तो भारत के पास सलामी जोड़ी रोहित शर्मा, केएल राहुल, शिखर धवन के अलावा ख़ुद कप्तान विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केदार जाधव, मनीष पांडेय, रिषभ पंत, रविद्र जडेजा, शिवम दुबे और पुछल्ले बल्लेबाज़ो में शार्दुल ठाकुर के रूप में एक से बढ़कर एक बल्लेबाज़ है.
सभी खिलाड़ियों के दमदार खेल से कप्तान विराट कोहली और कोच रवि शास्त्री की चिंता बढ़ गई है कि किसे अंतिम ग्यारह में जगह दे.
शिखर धवन तो कह ही चुके है कि यह सिरदर्द उनका है मेरा नही कि वह किसे टीम में रखें.
ऐसे में ऑस्ट्रेलियाई कप्तान की चिंता और भी बढ़ गई होगी.
इसके बावजूद ऑस्ट्रेलियाई टीम भी भारत को कड़ी चुनौती देने का दम रखती है.

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स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर जैसे करिश्माई बल्लेबाज़ उनके पास हैं, साथ ही कप्तान एरोन फिंच, पीटर हैंड्सकॉम्ब, एलेक्स कैरी और पुछल्ले बल्लेबाज़ के रूप में तेज़-तर्रार मिचेल स्टार्क है. स्मिथ और वार्नर को भारत में आईपीएल का भी बेहद अनुभव है तो कई विवादों का भी, लेकिन दोनो चल निकले तो बेहद ख़तरनाक़ बल्लेबाज़ है.
इसके अलावा सबकी नज़र टेस्ट क्रिकेट में तहलका मचाने वाले और धूमकेतू की तरह उभरे मार्नस लाबुशाने पर भी होगी.
उन्होंने अभी तक कोई एकदिवसीय मैच तो नहीं खेला है लेकिन 14 टेस्ट मैच की 23 पारियों में उन्होंने चार शतक और आठ अर्धशतक की मदद से 1459 रन ज़रूर बना लिए है.
पिछले पाँच टेस्ट मैच में उनका बल्ला पहले तो पाकिस्तान और उसके बाद न्यूज़ीलैंड पर ख़ूब गरजा.
पाकिस्तान के ख़िलाफ़ पहले टेस्ट मैच में लाबुशाने ने 185 और दूसरे टेस्ट मैच में 162 रन बनाए.
न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ उन्होंने पहले टेस्ट मैच में 143 और 50 दूसरे टेस्ट मैच में 63 और 19 और तीसरे टेस्ट मैच में 215 और 59 रन बनाए.
यदि यह कहा जाए कि उन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट में जगह बनाने के लिए ऑस्ट्रेलियाई चयनकर्ताओं का दरवाज़ा खटखटाया नहीं है वरन तोड़ दिया है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी.
अब देखना सिर्फ़ इतना है कि अगर उन्हें एकदिवसीय सिरीज़ में खेलने का अवसर मिलता है तो वह कैसा प्रदर्शन करते है.

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गेंदबाज़ी में भी ऑस्ट्रेलिया के पास धारदार तेज़ गेंदबाज़ मिचेल स्टार्क के अलावा जोश हैज़लवुड, केन रिचर्ड्सन और स्पिनर एडम ज़ैम्पा और एश्टन टर्नर है.
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच इस एकदिवसीय सिरीज़ के दमदार होने का एक कारण यह भी है कि ऑस्ट्रेलिया यह नहीं भूला है कि कैसे स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर की ग़ैर-मौजूदगी में विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में उसे उसी की ज़मीन पर पहली बार हराया था.
इसके अलावा पिछले साल इंग्लैंड में हुए आईसीसी विश्व कप क्रिकेट टूर्नामेंट में भी भारत ने ऑस्ट्रेलिया को मात दी थी.

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इसके बावजूद भारत भी नहीं भूला है कि कैसे ऑस्ट्रेलिया ने पिछले भारत दौरे में खेली गई पाँच मैच की एकदिवसीय सिरीज़ में 3-2 से जीत हासिल की थी.
साल 2020 की शुरूआत में ही क्रिकेट प्रेमियों के लिए इससे बढ़कर क्या हो सकता है कि दुनिया के दिग्गज खिलाड़ियों से सजी दो टीमों के बीच एकदिवसीय सिरीज़ हो रही है.
निश्चित तौर पर दोनो टीमों के बीच मुक़ाबलें एक महाजंग की तरह खेले जाएगें.
अब देखना है कि पहले मैच में जीत किसे मिलती है, और दोनो टीमों के खिलाड़ी कैसा खेलते है.
आईसीसी एकदिवसीय रैंकिंग में भारत दूसरे और ऑस्ट्रेलिया चौथे स्थान पर है.
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