कादम्बिनी गांगुली: गूगल ने डूडल बनाकर भारत की पहली महिला डॉक्टर को किया याद

कादम्बिनी गांगुली

इमेज स्रोत, Twitter/Google India

प्रकाशित
पढ़ने का समय: 2 मिनट

डॉक्टर कादम्बिनी गांगुली भारत में चिकित्सक के रूप में प्रशिक्षित होने वाली पहली महिला थीं. रविवार को उनके 160वें जन्म दिवस के मौके पर कई संगठनों और लोगों ने उनके योगदान और कीर्तिमानों का ज़िक्र किया.

उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए गूगल ने भी डूडल भी बनाया.

कादम्बिनी गांगुली का जन्म 18 जुलाई 1861 को हुआ था. उनके पिता, भारत के पहले महिला अधिकार संगठन के सह-संस्थापक थे. गांगुली का स्कूल में दाखिला एक ऐसे समय में हुआ था जब लड़कियों को शिक्षित करने के बारे में सोचना आम बात नहीं थी.

उन्होंने इस अवसर का भरपूर फ़ायदा उठाया और 1883 में, कादम्बिनी गांगुली और उनकी साथी चंद्रमुखी बसुइन भारतीय ब्रिटिश राज में स्नातक करने वाली पहली महिलाएं बनीं.

स्नातक होने के तुरंत बाद कादम्बिनी गांगुली ने प्रोफे़सर और सामाजिक कार्यकर्ता द्वारकानाथ गांगुली से शादी कर ली. उनके पति ने उन्हें मेडिकल डिग्री लेने के लिए प्रोत्साहित किया. उनके पति द्वारकानाथ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए काम करते थे.

छोड़िए X पोस्ट
X सामग्री की इजाज़त?

इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

चेतावनी: तीसरे पक्ष की सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

पोस्ट X समाप्त

शुरुआती असफलताओं के बाद आख़िरकार उन्हें कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिला. साल 1886 में उन्होंने एक बार फिर इतिहास बनाया. उन्होंने स्नातक की उपाधि प्राप्त की और भारत में शिक्षित डॉक्टर बनने वाली पहली महिला बन गईं.

लेकिन वो यहीं नहीं रुकीं. ब्रिटेन में काम और अध्ययन करते हुए उन्होंने स्त्री रोग में विशेषज्ञता हासिल की. तीन अतिरिक्त प्रमाणपत्र अर्जित किए. इसके बाद 1890 के दशक में वो भारत लौट आईं और निजी तौर पर प्रैक्टिस करने लगीं.

वीडियो कैप्शन, हेमलता लवनम: महिला जिन्होंने अपने गांव के डकैतों को बदल डाला

कादम्बिनी गांगुली मेडिकल सेवा के साथ महिलाओं के अधिकार की मांग को लेकर भी सक्रिय रही. उन्होंने छह अन्य लोगों के साथ मिलकर 1889 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला महिला प्रतिनिधिमंडल बनाया था.

उनके जीवन पर 2020 में "प्रोथोमा कादम्बिनी" नाम की एक टीवी सिरीज़ भी आई.

गूगल के लिए उनका डूडल बनाने वाली बेंगलुरू की ओद्रिजा ने गूगल से कहा, "मैं ये संदेश देना चाहती हूं कि हमें हेल्थकेयर वर्कर्स (चाहे वो डॉक्टर हों, नर्स हों या सफ़ाई करने वाले) को हर दिन थोड़ी और इज़्जत देनी चाहिए. साल 2020 ने सिखाया है कि इंसान की ज़िंदगी कितनी नाज़ुक है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)