#INDvsSA: क्या विराट कोहली को तिहरा शतक बनाने की कोशिश करनी चाहिए थी?-सोशल

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भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली सोशल मीडिया पर हर जगह छाए हुए हैं. फिर चाहे वो फ़ेसबुक, ट्विटर या इंस्टाग्राम हो या फिर गूगल ट्रेंड्स.
ट्विटर पर #KingKohli और #ViratKohli टॉप ट्रेंड्स में शामिल है. गूगल ट्रेंड्स में भी विराट कोहली नज़र आ रहे हैं.
इन सबकी वजह है ये कि विराट कोहली ने वो कीर्तिमान स्थापित कर दिया है जो अब तक कोई भी भारतीय क्रिकेटर नहीं कर पाया था. वो टेस्ट मैच में भारत की ओर से सबसे ज़्यादा दोहरा शतक बनाने वाले बल्लेबाज़ बन गए हैं.
कोहली ने दक्षिण अफ़्रीका के साथ चल रहे पुणे टेस्ट मैच की पहली पारी में 254 बनाए और नॉट आउट रहे.
पुणे में भारत ने दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ दूसरे टेस्ट की पहली पारी में पांच विकेट पर 601 रन बना कर घोषित कर दी.
टेस्ट क्रिकेट में यह कोहली का सातवां दोहरा शतक है.

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इसके साथ ही उन्होंने सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के छह-छह दोहरे शतक के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है.
यह रिकॉर्ड बनाने के बाद कोहली अब सिर्फ़ डॉन ब्रैडमैन, कुमार संगाकार और ब्रायन लारा से पीछे हैं. ज़ाहिर है इस शानदार उपलब्धि के लिए विराट कोहली की ख़ूब तारीफ़ हो रही है लेकिन क्रिकेट में दिलचस्पी रखने वाले लोग एक सवाल भी पूछ रहे हैं.
सवाल ये कि क्या कोहली को 300 रन यानी तिहरा शतक बनाने की कोशिश करनी चाहिए थे? क्योंकि वो 254 रन बनाकर नॉट आउट थे ऐसे में तिहरे शतक के बारे में सोचा जा सकता था लेकिन कोहली ने ऐसा न करके 601 रनों पर पारी घोषित करने का फ़ैसला लिया.

सोशल मीडिया की हलचल और लोगों की दिलचस्पी देखते हुए बीबीसी हिंदी ने भी 'कहासुनी' के जरिए यही सवाल अपने फ़ेसबुक, ट्विटर और इंस्टाग्राम अकाउंट पर पूछा: क्या कोहली को तिहरा शतक बनाने की कोशिश करनी चाहिए थी?
सवाल के जवाब में लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिली.
राजवीर सिंह सोनू ने बीबीसी हिंदी के फ़ेसबुक पेज पर लिखा, "भारतीय टीम के हिसाब से नहीं ही बनाना था क्योंकि टेस्ट वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए टीम मैच खेल रही है. टीम का मैच जीतना ज़रूरी है पहला टेस्ट विश्व चैंपियन बनने के लिए."
सरोज साह ने लिखा है, "अगर वो ऐसा करते तो सब उन्हें स्वार्थी कहते है. इसलिए उन्होंने जो किया, बहुत अच्छा किया. उन्हें सलाम है."
रंजीत कुमार का जवाब कुछ मिला-जुला सा है. वो लिखते हैं, "300 के करीब पहुंचना या 300 रन बनाना हमेशा आसान नहीं होता. इतने शानदार खिलाड़ी का अभी तक तिहरा शतक नहीं होना निराश करता है.
आज अच्छी लय में थे और साथ देने के लिए एक बल्लेबाज़ साहा भी था तो एक चांस तो बनता था. लेकिन एक कप्तान के रूप में टीम हित मे फ़ैसला लिया. वेलडन.''
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राकेश बागी ने लिखा है, "बना लेना था. मौका हमेशा नहीं मिलता.
ये विराट की बडी भूल थी. शायद आज के दिन का अफ़सोस विराट और उनके प्रशंसकों को जीवन भर रहेगा.
300 रन बनाने वाले गिनती के बल्लेबाजों में विराट का नाम ना होना दुर्भाग्य होगा, जैसा कि सचिन के साथ हुआ.''
आस मोहम्मद कहते हैं, "बिल्कुल करनी चाहिए थे. ये टेस्ट तो आख़िरी के दो दिनों में भी जीता जा सकता था लेकिन तिहरा शतक लगाने का मौका कभी-कभी आता है.''
बीबीसी हिंदी के ट्विटर अकाउंट पर मोहम्मद ज़िया ने लिखा, "कोहली है तो मुमकिन है. उनकी ट्रिपल सेंचुरी के बारे में चिंता न करें. जल्दी हो देरी से, वो ट्रिपल सेंचुरी बना ही लेंगे."
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अब्दुल रहमान कहते हैं, "उनको तिहरा शतक लगाना चाहिए था. मेरा मानना है कि वह जिस तरह बल्लेबाजी की लय में थे, उससे ट्रिपल सेंचुरी क्या ब्रायन लारा का रिकॉर्ड भी तोड़ पाते क्योंकि उनमें वह क्षमता है. मेरा मानना है कि उन्हें तिहरे शतक के लिए कोशिश करनी चाहिए थी.''
अलीना ने बीबीसी हिंदी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा है, "इंडिया का मैच जीतना ज़्यादा ज़रूरी है. 300 रन तो कभी न कभी बना देंगे, जिस तरह वो खेल रहे हैं और वो उस दिन बनाएंगे जिस दिन इंडिया और विराट सर को उसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत होगी. मुबारक हो विराट."
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कपिल चरन लिखते हैं, "लारा का रिकॉर्ड तोड़ना चाहिए था. मैच ड्रॉ हो जाता लेकिन इंडिया के लिए प्राउड होता."
वैसे कोहली दोहरे शतक के मामले में भले अभी ब्रैडमैन से बहुत पीछे हों लेकिन पुणे में उन्होंने टेस्ट मैचों में बनाए ब्रैडमैन के कुल रनों को पीछे छोड़ दिया है.
डॉन ब्रैडमैन ने 52 टेस्ट मैचों में 6996 रन बनाए थे, कोहली ने अपनी इस पारी के दौरान टेस्ट क्रिकेट में सात हज़ार रन पूरे कर लिए. यानी कोहली के प्रशंसकों के पास ख़ुश होने की कई वजहें हैं!
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