गुरुवार, 13 नवंबर, 2008 को 05:12 GMT तक के समाचार
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ( इसरो) का कहना है कि चंद्रयान-1 अपनी मंज़िल तक सफलतापूर्वक पहुँच गया है.
इसरो के प्रवक्ता एस सुरेश का कहना था कि बुधवार को चंद्रयान चांद की आख़िरी कक्षा में पहुँच गया जो चंद्रमा से मात्र 102 किलोमीटर दूर है.
इसरो का कहना है कि अगले दो साल तक चंद्रयान इसी कक्षा में रहेगा और यहाँ से वह आधुनिक उपकरणों की मदद से तस्वीरें भेजेगा.
इसरो का कहना है कि ये एक महत्वपूर्ण चरण था जो सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है.
चंद्रयान को नियंत्रित करने की जटिल प्रक्रिया बंगलौर से 40 किमी दूर बायलुलू में स्थित कंट्रोल रूम से चल रही है जहाँ से टेलीसिग्नलों के ज़रिए चंद्रयान को मनचाही दिशा में मोड़ा जा रहा है.
इस यान के अब तक कई परीक्षण किए गए हैं और वैज्ञानिक उसके प्रदर्शन से पूरी तरह संतुष्ट हैं.
चंद्रयान अपनी यात्रा शुरू करने के सप्ताह भर बाद से ही पृथ्वी की तस्वीरें नियंत्रण कक्ष को भेज रहा है.
चंद्रयान पर कुल 11 वैज्ञानिक उपकरण हैं जिनमें से छह विदेशी एजेंसियों के हैं.
दो अमरीकी, तीन यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और एक बुल्गारिया का उपकरण चंद्रयान पर है, बाक़ी के पाँच उपकरण भारतीय हैं जिन्हें इसरो ने तैयार किया है.