सोमवार, 14 जुलाई, 2008 को 23:43 GMT तक के समाचार
एक नए शोध में यह बात सामने आई है कि याददाश्त को बेहतर करने का लिए अच्छी नींद आवश्यक है.
शोधकर्ताओं ने पाया है कि अच्छी नींद का असर दिमाग की कार्यशैली पर पड़ता है और अगर रात में अच्छी नींद हो तो सुबह दिमाग की कार्यशैली में ज़बर्दस्त फर्क पड़ता है.
अच्छी नींद से दिमाग की कोशिकाओं के बीच समन्वय बेहतर होता है जो याददाश्त और सीखने के लिए ज़रुरी है.
यूनिवर्सिटी ऑफ जेनेवा का यह शोध फेडरेशन ऑफ यूरोपियन न्यूरोसाइंस सोसायटीज़ कांफ्रेंस में पेश किया गया है.
शोधकर्ताओं ने 32 लोगों पर शोध किया जिसमें उन्हें कुछ चित्र दिखाए या कोई नई चीज़ सिखाई गई जो उन्हें याद रखनी थी.
इनमें एक बिंदु को जॉयस्टिक की मदद से कंप्यूटर पर घुमाना भी शामिल था.
दो समूहों के इस शोध में एक समूह आठ घंटे सोने दिया गया जबकि दूसरे समूह को या तो सोने नहीं दिया गया या फिर थोड़ी देर ही सोने दिया गया.
जब अगले दिन दोनों समूहों से चित्रों को याद करने या फिर पिछले दिन सीखी गई चीज़ों को करने के लिए कहा गया तो पाया गया कि जो आराम से सोए थे उन्होंने बेहतर प्रदर्शन किया.
शोधकर्ता टीम के प्रमुख डॉ सोफी स्वार्टज़ का कहना था, '' परिणामों के अनुसार एक नए अनुभव के बाद अच्छी नींद उस अनुभव को याद रखने में मदद करती है और सीखने में मदद करती है. ''
डॉ स्वार्टज़ के अनुसार अच्छी नींद से दिमाग सीखे गए अनुभवों को और मजबूत कर लेता है.
नोरफॉक एंड नॉरविच यूनिवर्सिटी अस्पताल के डॉ नील स्टान्ले का कहना है कि यह शोध एक बार फिर दिखाता है कि अच्छी नींद कितनी ज़रुरी है.
हालांकि ब्रिटेन में 4000 वयस्कों के बीच किए एक सर्वे में पाया गया कि पांच में से एक ही रात में आठ घंटे सोते हैं.
डॉ स्टान्ले कहते हैं कि नींद समय ख़राब करना नहीं है बल्कि अत्यंत ज़रुरी काम है जिसके ज़रिए हम चीज़ों को याद रखते हैं.
वो कहते हैं, ' हम दिन में चीज़ें सीखते हैं लेकिन रात में उसे करीने से सज़ा कर याद करते हैं.'