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शनिवार, 24 मई, 2008 को 11:35 GMT तक के समाचार

मैथ्यु प्राईस
बीबीसी न्यूज़, न्यूयॉर्क

न्यूयॉर्क से देखिए लंदन का नज़ारा

क्या न्यूयॉर्क में खड़ा व्यक्ति 5585 किलोमीटर दूर अटलांटिक के उस पार लंदन में खड़े व्यक्ति को बिना इंटरनेट, टेली-कॉन्फ़ेंस या फ़ोन के देख सकता है और उसे अपनी बात समझाने के साथ-साथ, क्या उसकी बात भी समझ सकता है?

जी हाँ, ये संभव है! एक चित्रकार और आविष्कारक पॉल जॉर्ज की विशालकाय दूरबीन - टेलेक्ट्रोस्कोप - के ज़रिए ये संभव हुआ है, ऑप्टिक फ़ाइबर्स के इस्तेमाल से.

इसकी तुलना न्यूयॉर्क और लंदन के बीच एक काल्पनिक सुरंग से की जा सकती है जो इन दोनों महानगरों को जोड़ती हो और जिसमें दर्पणों की मदद से तस्वीरें और संदेश एक जगह से दूसरी जगह तक पहुँचते हों.

इस विशालकाय दूरबीन का एक सिर लंदन की थेम्स नदी के किनारे टॉवर ब्रिज पर निकलता है तो दूसरा न्यूयॉर्क की ईस्ट नदी के किनारे ब्रुकलिन ब्रिज पर स्थित है.

लकड़ी और पीतल से बनी दूरबीन पर डायल, लीवर और थर्मामीटर लगे हैं.

दूरबीन में देखने से आप अटलांटिक के उस पार खड़े व्यक्ति को देख सकते हैं. यदि आप उनकी तरफ़ हाथ हिलाएँ तो वो आपको ऐसे ही जवाब देते हैं.

दोनो सिरों पर रखे व्हाइट बोर्ड पर आप सवाल लिख सकते हैं और यदि दूसरी ओर खड़े लोग जवाब देने चाहें तो वो भी बोर्ड पर लिखकर जवाब दे सकते हैं.

समय ज़्यादा

व्हाइट बोर्ड पर संदेश लिखकर इस तरह दूरबीन के सामने रखा जाता है जिससे दूसरी तरफ़ खड़े लोग इसे आसानी से पढ़ सकें.

मैंने टॉवर ब्रिज पर खड़े एक अजनबी को लिखा - तुम्हारा नाम क्या है?

उसने उधर से लिखा - मिक.

मैनें उससे फिर लिखकर पूछा - आप कहाँ से हैं?

उसने जवाब लिखा - बांग्लादेश.

ब्रुकलीन ब्रिज पर आयोजक पीटर कोलमैन का मानना है - "ये कला का नमूना है और इससे सार्वजनिक स्थल पर लोगों की जिज्ञासा बढ़ी है. लोगों को विश्वास ही नहीं होता कि दूसरी ओर नज़र आने वाले लोग दरअसल किसी दूसरे शहर के लोग हैं."

इसे लेकर बच्चे काफ़ी उत्साहित हैं और वे इसका आनंद ले रहे है.