http://www.bbcchindi.com

शनिवार, 05 अप्रैल, 2008 को 21:04 GMT तक के समाचार

याददाश्त कमज़ोर करती है दारुबाज़ी

एक शोध में कहा गया है कि दारुबाज़ी या अत्यधिक शराब पीने के कारण नवयुवकों में याददाश्त कमज़ोर होने का ख़तरा होता है.

इस शोध के बाद कहा गया है कि अत्यधिक शराब पीने के कारण मस्तिष्क के विकास को नुक़सान पहुँचने की आशंका हो सकती है.

'अत्यधिक शराब' को परिभाषित करने के लिए वैज्ञानिकों ने कहा है कि जो पुरुष सप्ताह में एक या दो बार आठ या इससे अधिक पेग शराब पीते हैं वे इस दायरे में आते हैं जबकि महिलाओं के लिए यह मात्रा छह पेग तक है.

नॉर्थम्ब्रिया औऱ कील यूनिवर्सिटी की एक टीम ने अत्यधिक शराब पीने वाले 26 लोगों और 34 ऐसे लोगों में तुलना की जो अधिक शराब नहीं पीते थे.

उन्होंने पाया कि अत्यधिक शराब पीने वालों का प्रदर्शन ख़राब था.

शराबियों की सहायता के लिए काम करने वाली एक स्वयंसेवी संस्था 'एडाक्शन' के प्रवक्ता का कहना है कि अध्यधिक शराब पीने के कारण कुछ युवा ख़तरे में पड़ गए हैं.

इससे पहले हुए अध्ययन में भी पाया गया था कि अत्यधिक शराब पीने की वजह से लोगों की याददाश्त कमज़ोर होती जा रही है.

नवयुवक

इस नए अध्ययन में 17 से 19 वर्ष के युवाओं को शामिल किया गया. यह वह उम्र है जब मस्तिष्क का विकास हो ही रहा होता है.

वैज्ञानिकों ने अत्यधिक शराब पीने वाले जिन नवयुवकों को चुना था वे दो बैठकों में 30 या उससे अधिक पेग पी जाते थे.

इस परीक्षण के तहत नवयुवकों की जाँच तब की गई जब उनको शराब पिए हुए तीन-चार दिन हो चुके थे और उनके शरीर में अल्कोहल की मात्रा नहीं थी.

इसके बाद उनसे कुछ सवालों के जवाब देने को कहा गया, जैसे कि वे कितनी बार अपना काम करना भूल जाते हैं या किसी से मिलना उन्हें याद नहीं रह पाता आदि.

उन्हें एक वीडियो क्लिप भी दिखाई गई और चीज़ों को याद करने को कहा गया.

वैज्ञानिकों का कहना है कि अधिक शराब पीने वालों को एक तिहाई चीज़ें याद नहीं रह सकीं.

जबकि व्यक्तिगत बातों को याद रखने में अत्यधिक शराब पीने वालों और सीमित शराब पीने वालों के बीच कोई फ़र्क नहीं था.