शुक्रवार, 14 मार्च, 2008 को 04:30 GMT तक के समाचार
यूरोपीय संघ में अब इस बात पर सहमति बनती नज़र आ रही है कि ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में कटौती किए बिना जलवायु परिवर्तन की चुनौती से नहीं निपटा जा सकता है.
इन दिनों ब्रसेल्स में यूरोपीय संघ की अहम बैठक चल रही है जहां जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर सदस्य देश गंभीरता से विचार कर रहे हैं.
यूरोपीय संघ की अध्यक्षता कर रहे देश स्लोवेनिया के प्रधानमंत्री जानेज़ जन्सा ने इस बाबत बताया कि शुक्रवार की बैठक में सदस्य देशों के बीच एक मसौदे पर सहमति बन सकती है जिसमें जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक न्यूनतम मानक तय कर लिया जाएगा.
उन्होंने कहा कि यह मानक एक वर्ष के भीतर तय करने का प्रस्ताव आ सकता है.
ग़ौरतलब है कि पिछले वर्ष यूरोपीय संघ के देशों ने इस बात पर सहमति जताई थी कि वर्ष 2020 तक ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन 20 प्रतिशत तक कम कर लिया जाएगा.
इसके लिए 1990 में उत्सर्जित कार्बनडाईआक्साइड की मात्रा को मानक बनाकर इसमें 20 प्रतिशत की कटौती की बात कही गई थी.
यूरोप की चिंता
यूरोपीय देशों की इस बैठक में जलवायु परिवर्तन के कुछ गंभीर परिणामों पर भी चिंता व्यक्त की गई.
बैठक के दौरान यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख जेवियर सोलाना की रिपोर्ट पर ख़ासा ध्यान गया जिसमें बताया गया है कि जलवायु परिवर्तन की वजह से यूरोप की ओर लोगों का पलायन तेज़ी से बढ़ सकता है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि जलवायु परिवर्तन के कारण खाद्यान्न और पानी का भीषण संकट पैदा होगा जिसकी वजह से अफ्रीका और मध्य-पूर्व के देशों से यूरोप की ओर पलायन भी बढ़ेगा.