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गुरुवार, 21 फ़रवरी, 2008 को 04:15 GMT तक के समाचार

जासूसी उपग्रह आसमान में ही ध्वस्त

प्रशांत महासागर में अमरीकी नौसैनिक पोत से छोड़े गए मिसाइल ने उस जासूसी उपग्रह को ध्वस्त कर दिया है जिसके धरती से टकराने की आशंका जताई जा रही थी.

अमरीकी सेना का कहना है कि उपग्रह के ईंधन का टैंक ध्वस्त हुआ है या नहीं, इसका पता अगले चौबीस घंटों में ही चल सकता है.

दरअसल सारी चिंता उपग्रह के ईंधन 'हाइड्राज़िन' को लेकर जताई जा रही थी.

अमोनिया की गंध वाला रंगहीन द्रव विषैला रसायन होता है जो संपर्क में आने पर किसी को भी नुकसान पहुंचा सकता है.

पिछले महीने पता चला था कि इस उपग्रह ने काम करना बंद कर दिया था और यह नियंत्रण से बाहर हो चुका है.

इसके अगले कुछ हफ़्तों में धरती से टकराने की आशंका जताई जा रही थी.

इसीलिए अमरीकी सेना ने इसे पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करने से पहले ही ध्वस्त करने की योजना तैयार की थी.

अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की इस योजना को राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने स्वीकृति दे दी थी.

रूस ने आरोप लगाया था कि अमरीका उपग्रह को ध्वस्त करने की आड़ में नए हथियारों का परीक्षण करने जा रहा है.

ख़तरा

पिछले महीने ही इस उपग्रह के नियंत्रण से बाहर हो जाने की सूचना मिल गई थी.

इसके फ़रवरी के अंत तक या मार्च महीने में घरती से टकराने की आशंका जताई गई थी.

अधिकारियों का कहना था कि उपग्रह को उर्जा मिलनी बंद हो गई थी जिससे इसकी गति रूक गई . उन्होंने ये भी कहा कि ये अपने साथ ख़तरनाक पदार्थ भी ला सकता है.

वहीं व्हाइट हाउस का कहना था कि पूरी घटना पर उनकी नज़र है.

एक प्रवक्ता के मुताबिक पहले भी कई उपग्रह अपनी कक्षा से बाहर हो कर बिना कोई नुकसान पहुँचाए धरती पर गिर चुके हैं.

अमरीकी सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता गॉर्डन जॉन्ड्रो ने कहा, “हम उपग्रह के ख़तरे को देखते हुए संभावित विकल्पों की ओर ध्यान दे रहे हैं.”

एक छोटी बस के बराबर के इस उपग्रह का भार 9,072 किलोग्राम था.

राष्ट्रीय सुरक्षा पुरालेख के जेफ़्रे रिकल्सन के मुताबिक उपग्रह सम्भवत: फोटो परीक्षण उपग्रह था.

समाचार एजेंसी एपी के अनुसार नासा में अब तक की बड़ी अनियंत्रित उपग्रह वापसी स्काईलैब है. 78 टन का यह उपग्रह 1979 में अपनी कक्षा से गिर गया था.