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रविवार, 17 फ़रवरी, 2008 को 21:35 GMT तक के समाचार

जीवनशैली बदलकर पाइए लंबी उम्र

शोध से पता चला है कि अच्छी और सक्रिय जीवनशैली का फ़ायदा उम्र के किसी भी पड़ाव में मिल सकता है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि 70 साल का कोई व्यक्ति यदि नियमित व्यायाम करता है, अच्छा खाना खाता है और धुम्रपान नहीं करता तो इस बात की पूरी संभावना है कि वह 90 वर्ष की उम्र तक जिए.

इस शोध के परिणाम कहते हैं कि लंबी उम्र के लिए हमारे जीन सिर्फ़ 30 प्रतिशत तक ज़िम्मेदार होते हैं और बाक़ी का काम तो जीवनशैली करती है.

'आर्काइव्स ऑफ़ इटरनल मेडिसिन' में प्रकाशित शोध के अनुसार शोधकर्ताओं ने 2,357 पुरुष डॉक्टरों पर नज़र रखी.

इन लोगों ने 1980 के दशक में जब शोध में शामिल होने की हामी भरी तो उनकी औसत उम्र 72 साल थी.

इनमें से 970 लोग यानी 41 फ़ीसदी लोग 90 से भी ज़्यादा साल तक जिए.

वो लोग जो हफ़्ते में दो से चार दिन व्यायाम करते रहे, धुम्रपान नहीं किया, अपना वज़न संतुलित रखा और डायबिटिज़ से बचे रहे उनके 90 साल तक जीवित रहने की संभावना 54 प्रतिशत तक थी.

इसके विपरीत जिन लोगों ने इन बातों का ध्यान नहीं रखा उनके 90 की उम्र में पहुँचने की संभावना सिर्फ़ चार प्रतिशत थी.

प्रमुख शोधकर्ता डॉ लॉरेल येट्स का कहना है कि इस शोध के परिणाम तो चौंकाने वाले नहीं थे लेकिन वे इस बात की पुष्टि ज़रुर करते हैं स्वस्थ और फ़िट रहने के लिए की गई मेहनत जीवन के ढलान के दिनों में भी काम आती है.

हालांकि वे कहते हैं, "जीवनशैली में बदलाव लाना सबसे कठिन कामों में से एक है."

डॉ येट्स कहते हैं, "दवा की एक गोली खाना अपेक्षाकृत आसान है लेकिन वह व्यक्ति-व्यक्ति पर निर्भर करता है."

इंग्लैंड की संस्था 'एज कंसर्न' के महानिदेशक गॉर्डन लिशमैन कहते हैं, "यह अच्छा है कि लोग लंबे समय तक जीवित रहने लगे हैं लेकिन इसका मतलब यह भी हो सकता है कि हममें से कुछ लोग ज़्यादा समय तक बीमारी और अपंगता झेलते रहें."

वे कहते हैं, "स्वस्थ शरीर और दिमाग़ के लिए ज़रुरी है कि बूढ़े लोग अच्छा खाएँ और नियमित व्यायाम करें."