शुक्रवार, 15 फ़रवरी, 2008 को 02:13 GMT तक के समाचार
अमरीकी सेना उस जासूसी उपग्रह को अंतरिक्ष में ही उड़ा देने की योजना तैयार कर रही है जिसके अगले कुछ हफ़्तों में धरती से टकराने की आशंका जताई गई है.
अधिकारियों का कहना है कि अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की इस योजना को राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने स्वीकृति दे दी है.
योजना के तहत नौसैनिक पोत से मिसाइल दाग कर इस उपग्रह को वायुमंडल में प्रवेश करने से पहले ही ध्वस्त कर दिया जाएगा.
अधिकारियों का कहना है कि इस उपग्रह में जहरीले पदार्थ हैं जिसकी गंध से लोग प्रभावित हो सकते हैं.
एक अमरीकी सैन्य अधिकारी ने उन दावों को ग़लत बताया जिनमें कहा गया है कि अमरीकी सेना उपग्रह के कुछ 'संवेदनशील' हिस्सों को नष्ट करने के लिए मिसाइल दागने की तैयारी कर रही है.
ख़तरा
पिछले महीने से इस उपग्रह के नियंत्रण से बाहर हो जाने की सूचना मिल गई थी.
इसके फ़रवरी के अंत तक या मार्च महीने में घरती से टकराने की आशंका जताई गई थी.
अधिकारियों का कहना था कि उपग्रह को उर्जा मिलनी बंद हो गई जिससे इसकी गति रूक गई है. उन्होंने ये भी कहा कि ये अपने साथ ख़तरनाक पदार्थ भी ला सकता है.
वहीं व्हाइट हाउस का कहना था कि पूरी घटना पर उनकी नज़र है.
एक प्रवक्ता के मुताबिक पहले भी कई उपग्रह अपनी कक्षा से बाहर हो कर बिना कोई नुकसान पहुँचाए धरती पर गिर चुके हैं.
अमरीकी सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता गॉर्डन जॉन्ड्रो ने कहा, “हम उपग्रह के ख़तरे को देखते हुए संभावित विकल्पों की ओर ध्यान दे रहे हैं.”
एक सरकारी अधिकारी ने समाचार एजेंसी एपी से हुई बातचीत कहा कि उपग्रह का ईंधन 'हाइड्राज़िन' ख़तरनाक हो सकता है.
अमोनिया की गंध वाला रंगहीन द्रव विषैला रसायन होता है जो संपर्क में आने पर किसी को भी नुकसान पहुंचा सकता है.
एक छोटी बस के बराबर के इस उपग्रह का भार 9,072 किलोग्राम आंका गया है.
राष्ट्रीय सुरक्षा पुरालेख के जेफ़्रे रिकल्सन के मुताबिक उपग्रह सम्भवत: फोटो परीक्षण उपग्रह है.
समाचार एजेंसी एपी के अनुसार नासा में अब तक की बड़ी अनियंत्रित उपग्रह वापसी स्काईलैब है. यह 78 टन का उपग्रह 1979 में अपनी कक्षा
से गिर गया था.