बुधवार, 06 फ़रवरी, 2008 को 10:25 GMT तक के समाचार
क्या ऊँची एड़ी की चप्पल या सैंडिल पहनने से महिलाएं लंबी दिखने लगती हैं, टांगें लंबी और सुंदर लगने लगती हैं?
पर इसका इतना भर ही फ़ायदा नहीं है, एक अध्ययन कहता है कि क़द को ही नहीं सेक्स को भी बेहतर स्थिति में ले जाती है ऊँची एड़ी.
ऊँची एड़ी वाले जूते पहनने से महिलाओं की श्रोणिमेखला की माँसपेशियाँ बेहतर हो सकती हैं और इससे सेक्स जीवन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.
एक इतालवी यूरोलॉजिस्ट और सेक्सी जूतों की प्रेमी यह साबित करना चाहती हैं कि ऊँची एड़ी महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए उतनी बुरी नहीं हैं जैसा कि कुछ लोग समझते हैं.
महत्वपूर्ण बात ये है कि जूतों के साथ बहुत-सी समस्याएं जुड़ी हुई हैं जिनमें त्वचा का कड़ा होना यानी ‘कॉर्न’ और ‘शीज़ोफ़्रेनिया’ प्रमुख हैं.
लेकिन यूरोपीय यूरोलॉजी को लिखे एक पत्र में डॉक्टर मारिया केरुटो ने कहा कि उनके शोध ने यह दिखा दिया है कि अब ऊँची एड़ी के लिए खड़े होने का वक़्त आ गया है.
उन्होंने कहा कि 50 वर्ष से कम उम्र की 66 महिलाओं पर किए गए शोध में उन्होंने पाया कि जिन्होंने अपने पैर ज़मीन से 15 डिग्री की ऊँचाई यानी दो इंच की ऊँची एड़ी पर रखे थे, उनकी बनावट भी उतनी अच्छी थी जितनी कि सपाट चप्पल पहनने वालों की.
इसके अलावा ऊँची एड़ी पहनने वाली महिलाओं की श्रोणिक्षेत्र की माँसपेशियों में इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी अपेक्षाकृत कम पाई गई.
अभिन्न अंग
इससे संकेत मिले कि माँसपेशियाँ अपनी ऐसी अनुकूल स्थिति में थीं जो उनकी शक्ति और संकुचन की क्षमता बढ़ा सकती हैं.
श्रोणिचक्र की माँसपेशियाँ महिला के शरीर का अभिन्न अंग होती हैं.
जहाँ तक सेक्स क्रिया में हिस्सा लेने और संतुष्टि का संबंध है, ये माँसपेशियाँ जननांगों को काफी सहारा देती हैं.
हालाँकि ये मांसपेशियाँ गर्भधारण और बच्चे के जन्म के बाद और उम्र के बढ़ने के साथ कमज़ोर होती जाती हैं.
इन्हें शक्तिशाली बनाए रखने के लिए कसरत की जाती हैं लेकिन डॉ केरुटो कहती हैं कि उनका शोध इन कसरतों की ज़रूरत को ख़त्म कर सकता है.
केरूटो कहती हैं, “महिलाओं को श्रोणिमेखला से संबंधित कसरत करने में काफ़ी परेशानी होती है लेकिन हील यानी ऊँची एड़ी पहनना भी इसका निदान हो सकता है.”
उन्होंने कहा, “बहुत-सी महिलाओं की तरह मुझे भी ऊँची एड़ी के जूते पहनना पसंद है. और यह जानना बहुत अच्छा है कि इसके भी स्वास्थ्य लाभ हैं.”