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सोमवार, 21 जनवरी, 2008 को 15:28 GMT तक के समाचार

भारत से इसराइली उपग्रह का प्रक्षेपण

श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि भारत ने इसराइली गुप्तचर उपग्रह ‘पोलेरिस’ को सफलतापूर्वक कक्षा में स्थापित कर दिया.

इसराइली मीडिया ने कहा कि यह उपग्रह इसराइल की सैन्य निगरानी क्षमता को बेहतर बनाएगा.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के भारतीय अधिकारियों ने पूरे मिशन को गुप्त रखते हुए कड़ी सुरक्षा में उसे पूरा किया और मीडिया को भी भनक नहीं लगनी दी.

‘पोलारिस’ नाम के इस उपग्रह को सोमवार को कक्षा में स्थापित किया गया.

उन्नत तकनीक

संवाददाताओं ने कहा कि यह प्रक्षेपण इसरो का दूसरा वाणिज्यिक मिशन था वह भी किसी दूसरे देश के उपग्रह का.

अपना नाम बताए बिना एक अधिकारी ने एएफ़पी समाचार एजेंसी को बताया कि यह मिशन बहुत सफ़ल रहा.

तीन सौ किलोग्राम भार वाला दूर संवेदी उपग्रह पोलारिस इसराइल का सबसे ज़्यादा उन्नत तकनीक वाला अंतरिक्ष यान है जिसमें ऐसा कैमरा लगा है जो किसी भी मौसम या परिस्थिति में तस्वीर भेजने में सक्षम है.

बताया जाता है कि इसराइल ने भारत से उपग्रह को प्रक्षेपित करने का निर्णय तीन साल पहले किया था और भारत से मदद करने को कहा था, क्योंकि इसराइल के पास उपग्रह को कक्षा में स्थापित करने की क्षमता नहीं है.

साझीदारी

एक अनाम रक्षा विश्लेषक ने एएफ़पी समाचार एजेंसी से कहा कि इस मिशन की सफ़लता के बाद इसराइल ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अपनी नज़र रख सकता है.

उन्होंने कहा कि इस्लामिक दुनिया में इसे भारत और इसराइल के बीच एक मनहूस साझेदारी के रूप में देखा जा रहा है.

विशेषज्ञ ने यह भी कहा कि यह प्रक्षेपण वाणिज्यिक दृष्टि से भारत के 45 साल पुराने अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा जिसने पिछले साल एक इतालवी उपग्रह को भी कक्षा में पहुँचाया था.

संवाददाताओं का कहना है कि भारत भी वाणिज्यिक रूप से उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करने की सेवा देने के क्षेत्र में अमरीका, रूस, चीन, उक्रेन और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के साथ बराबरी करने का इच्छुक है.