मंगलवार, 15 जनवरी, 2008 को 16:21 GMT तक के समाचार
जापानी अधिकारियों ने अपनी मिसाइल सुरक्षा प्रणाली की टोक्यो में तैनाती की संभावनाएं तलाशने के लिए अभ्यास शुरू कर दिया है.
टीमों ने शहर में दो स्थानों पर रेडियो मास्टहेड और संचार उपकरण लगा दिए हैं.
सेना यह तय कर रही है कि सुरक्षा मिसाइल को कहाँ तैनात किया जा सकता है.
उत्तरी कोरिया के मिसाइल कार्यक्रमों से उपजी चिंता को देखते हुए जापान मिसाइल सुरक्षा की ओर क़दम बढ़ा रहा है.
1998 में प्योंगयांग टेस्ट ने लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल ‘ताइपोदोंग-1’ का प्रक्षेपण उत्तरी जापान पर किया था.
और 2006 में इस दक्षिणपंथी देश ने भी लंबी दूरी की मिसाइल के परीक्षण के साथ परमाणु परीक्षण भी किया.
बढ़ाने की योजना
जापानी सेना ने राजधानी में अपने आकलन एक ही दिन में पूरे कर लिए हैं.
सेना के एक प्रवक्ता के अनुसार दो स्थानों का सर्वेक्षण किया गया है. पहला ‘शिंजुकु पार्क’ जो टोक्यो के केंद्र में स्थित एक व्यापार क्षेत्र है और दूसरा स्थान है ‘इचिगया’ जो सरकारी दफ़्तरों के क्षेत्र इम्पीरियल पैलेस से ज़्यादा दूर नहीं है.
प्रवक्ता ने कहा, “हमने सुरक्षा प्रणाली की तैनाती में बाधा साबित होने वाली इमारतों का सर्वेक्षण और संचार माध्यमों की तकनीकी जाँच कर ली है".
उन्होंने कहा कि राजधानी में दूसरे स्थानों के बारे में भी जाँच की जाएगी.
जापान में पहले ही दो स्थानों पर पीएसी-3 मिसाइल बचाव प्रणाली लगा दी गई है. अधिकारियों की योजना है कि 2011 तक इन्हें 11 स्थानों तक बढ़ा दिया जाए.
जलपोत आधारित मिसाइल बचाव व्यवस्था पर जापान अमरीका का साथ दे रहा है.
दिसंबर 2007 में जापानी युद्धक पोत ने दूर हवाई में प्रक्षेपित एक कृत्रिम मिसाइल को सफ़लतापूर्वक मार गिराया.
यह इस व्यवस्था का पहला परीक्षण था जिसे आख़िरकार चार विध्वंसक पोतों पर लगाया जाएगा.