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गुरुवार, 10 जनवरी, 2008 को 18:16 GMT तक के समाचार

बर्फ़ महोत्सव पर ग्लोबल वार्मिंग की मार

चीन के लोकप्रिय बर्फ़ महोत्सव को जलवायु परिवर्तन से ख़तरा बन पड़ा है. ये महोत्सव पूर्वोत्तर चीन के हार्बिन में हर साल आयोजित किया जाता है.

वर्ष 1985 में आरंभ इस सालाना महोत्सव के आयोजकों को डर है कि ग्लोबल वार्मिंग के प्रभावों के कारण बर्फ़ से बनी कृतियाँ समय से पहले ही पिघल सकती हैं.

यदि ऐसा हुआ तो ये हार्बिन की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही बुरी बात होगी क्योंकि हज़ारों पर्यटक दूर-दूर से बर्फ़ की बनी विशालकाय कृतियों को देखने आते हैं.

हार्बिन चीन के उन शहरों में से है जहाँ का तापमान आमतौर पर बहुत ही कम रहता है. सर्दियों में तो हार्बिन में तापमान गिर कर -35 डिग्री सेल्सियस तक आ जाता है.

इतनी सर्दी में वहाँ कोई भी सामान्य गतिविधि चलाना मुश्किल ही होता है, लेकिन बर्फ़ महोत्सव के आयोजन के ज़रिए इस विषम मौसमी परिस्थितियों का फ़ायदा उठाया जाता है.

बर्फ़ की कलाकृतियों का आनंद लेने के लिए चीन ही नहीं, बल्कि एशिया के अन्य देशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक हार्बिन आते हैं.

चिंता

इस बार हार्बिन बर्फ़ महोत्सव में ओलम्पिक खेलों को मुख्य विषय चुना गया है, क्योंकि बीजिंग ओलम्पिक खेलों का आयोजन कर रहा है.

हालाँकि बर्फ़ से जानवरों, प्रसिद्ध लोगों और मशहूर इमारतों की अनुकृति भी निर्मित की गई है. रात में इन्हें रंगीन बल्बों की सहायता से और भी आकर्षक बना दिया जाता है.

लेकिन सर्दियों में हार्बिन का तापमान साल-दर-साल बढ़ता जा रहा है, और इससे जनवरी में ही बर्फ़ की कलाकृतियाँ पिघलने लगी हैं. ज़ाहिर है ऐसा होने से पर्यटकों की संख्या कम हो रही है.

पिछले साल हार्बिन का औसत तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस था, जो कि अब तक का सर्वाधिक है.

बर्फ़ महोत्सव के आयोजन से जुड़े एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि महोत्सव आम तौर पर फ़रवरी महीने के अंत तक चलता है, लेकिन 'हमें चिंता है कि इस बार ये उतने दिन तक नहीं चल पाएगा.'