मंगलवार, 08 जनवरी, 2008 को 13:32 GMT तक के समाचार
व्यायाम और खेल कूद के फ़ायदे सभी को पता हैं लेकिन अब एक शोध में यह बात सामने आई हैं कि संतुलित भोजन करने, व्यायाम करने और धूम्रपान नहीं करने और शराब कम पीने से किसी व्यक्ति की उम्र 14 साल तक बढ़ सकती है.
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी और इंग्लैंड के नोरफोक काउंटी की मेडिकल रिसर्च काउंसिल के एक शोध में यह बात सामने आई है.
एक दशक तक 20 हज़ार लोगों पर किए गए इस शोध में पाया गया कि जिन्होंने इन बातों का पालन नहीं किया वे मौत के ज़्यादा क़रीब थे, बजाय उनके जिन्होंने इन बातों का पालन किया था.
शोध के यह परिणाम किसी के वज़न या इस बात से कोई ताल्लुक़ नहीं रखते कि वह कितना ग़रीब है.
पब्लिक लाइब्रेरी ऑफ़ साइंस मेडिसिन का यह अध्ययन संकेत देता है कि लोग अपनी ज़िंदगी में छोटे-छोटे बदलाव करके कैसे अपनी उम्र बढ़ा सकते हैं.
यह शोध कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय और नोरफ़ॉक की मेडिकल रिसर्च काउंसिल ने संयुक्त रूप से 1993 और 2006 के बीच किया.
शोध में 45 से 79 वर्ष की उम्र के लोगों ने हिस्सा लिया था. वे लोग पूरी तरह गोरे होने के बावजूद सामाजिक रूप से मिलनसार थे और उनकी अपनी जानकारी के अनुसार उन्हें किसी तरह का कैंसर और कोई दिल की बीमारी नहीं थी.
स्कोर मिले
इनमें से हर किसी को इन बातों के लिए एक अंक दिया गया, जिन्होंने धूम्रपान नहीं किया, एक सप्ताह में सिर्फ़ एक से 14 यूनिट यानी आधे से सात गिलास शराब की, दिन में पाँच बार फल और सब्ज़ियाँ खाईं और सबसे बड़ी बात यह कि वे खाली नहीं बैठें.
टीम ने पाया कि वे लोग जिन्होंने चारों काम ठीक से किए, उनकी मृत्यु दर उस ख़ास अवधि में उन लोगों से काफ़ी कम रही, जिन्होंने इनमें से कुछ भी नहीं किया.
अध्ययन में पाया गया कि 60 वर्ष उम्र का वह व्यक्ति जिसने इनमें से किसी बात का पालन नहीं किया, उसे भी मौत का उतना ही ख़तरा था जितना 74 वर्षीय उस व्यक्ति को जिसने चारों पॉइंटों का पालन किया.
शोध के प्रमुख प्रोफ़ेसर के-टी खाव कहते हैं, “हम जानते थे कि हर बात महत्व रखती है, जैसे धूम्रपान नहीं करने और कसरत करने से उम्र बढ़ाई जा सकती है लेकिन पहली बार हमने इन सभी बातों के असर को साथ-साथ देखा”.
उन्होंने कहा, “और हमने यह भी देखा कि इसमें सामाजिक स्तर और बीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स कोई भूमिका नहीं निभाते.”
सबको लाभ
इन नियमों में शून्य पॉइंट पाने वाले लोगों में चार पॉइंट पाने वाले लोगों से दिल की बीमारी आदि का ख़तरा पाँच गुना ज़्यादा पाया गया.
शोध के अनुसार कैंसर से होने वाली मौतों और स्कोर में संबंध भी निकला.
मुख्य शोध से हालांकि उन लोगों को बाहर कर दिया गया था जिन्हें बीमारियाँ थीं फिर भी शोधार्थियों ने पाया कि जो लोग गंभीर अवस्था में थे, वे उनसे कम स्कोर पाने वालों से बेहतर अवस्था में आ गए.
स्वास्थ्य जागरूकता के अभियान चलाने वालों ने इस अध्ययन का स्वागत किया है.
ब्रिटिश हर्ट फ़ाउंडेशन के जूडी ओ-सूलीवान कहते हैं, “यह अच्छी ख़बर है. यह बताती है कि स्वस्थ जीवन जीने से लोग दिल की बीमारियों इत्यादि से होने वाली मौत का ख़तरा कम कर सकते हैं.”
उनके अनुसार धूम्रपान न करने, उचित मात्रा में एल्कोहल पीने, शारीरिक व्यायाम करने और उचित फल-सब्ज़ियाँ खाने से लोग लंबी उम्र जीने के मौक़े बढ़ा सकते हैं.