सोमवार, 26 नवंबर, 2007 को 11:42 GMT तक के समाचार
वैज्ञानिकों की ओर से धूम्रपान करने वालों के लिए एक और बुरी ख़बर है.
शोधकर्ताओं का दावा है कि धूम्रपान करने वालों में गंजापन का ख़तरा बढ़ जाता है.
आदमी में गंजापन अर्थात बालों का झड़ना (एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया) एक आनुवांशिक बीमारी है.
इसमें आदमी के सेक्स हार्मोन का भी थोड़ा-बहुत असर होता है.
पश्चिमी देशों के लोगों की तुलना में एशियाई लोगों में गंजेपन की प्रवृति कम होती है.
लेकिन शोधकर्ताओं ने पाया कि एशिया के लोग अगर धूम्रपान करते हैं तो उनके गंजा होने की आशंका बढ़ जाती है.
त्वचाविज्ञान के पुरालेख (आर्काइव) में इस सिलसिले में 65 वर्ष की औसत उम्र वाले 740 ताइवानी लोगों का अध्ययन छपा है.
तापेई के फार ईस्टर्न मेमोरियल हॉस्पिटल ने इन लोगों की बाल झड़ने की शुरुआती उम्र और इसके संभावित कारकों के बारे में जानकारी जुटाई.
बीस नहीं बस
शोधकर्ताओं ने बढ़ती उम्र के साथ बालों के झड़ने के जोखिम में इजाफ़ा तो पाया लेकिन यह फिर भी कॉकेशियन लोगों में इसके औसत ख़तरे से कम मिला.
हालांकि दूसरे कारकों को ध्यान में रखते हुए भी रोजाना 20 सिगरेट पीने की लत को गंजेपन के बढ़े हुए ख़तरे से जोड़ा गया है.
शोधकर्ताओं का कहना है कि धूम्रपान बालों के छिद्र या उन कोशिकाओं को नष्ट कर सकता है जो ख़ून और हॉर्मोन को रास्ता देते हैं.
धूम्रपान को पहले से ही कैंसर और हृदय की बीमारी के अलावा कई तरह के रोगों से जोड़ा जा चुका है.
धूम्रपान से रक्त का थक्का जमने की प्रवृति बढ़ती है और यह हर्ट अटैक जैसे जानलेवा हालात पैदा होने की आशंका बढ़ा देता है.
समय से पहले झुर्रियाँ और भूरे बाल जैसे बुढ़ापा के लक्षण भी तंबाकू के धुएँ के असर से जोड़े जा चुके हैं.
तो अगली बार सिगरेट या बीड़ी पीने से पहले अपने बालों पर हाथ फेर लें. संभव है कि कुछ दिनों के बाद कश में निकले धुएँ के साथ ये भी हवा हो जाएँ.