मंगलवार, 09 अक्तूबर, 2007 को 12:45 GMT तक के समाचार
यूरोपीय संघ के इंटरनेट डोमेन डॉट ईयू - .eu की तरह अब डॉट एशिया .asia इंटरनेट डोमेन ने भी अब अपना कामकाज शुरू कर दिया है और उम्मीद की गई है कि यह डोमेन वेबसाइटों के नामों के लिए भारी कारोबार हासिल करेगा.
सरकारें और कंपनियाँ अब डॉट एशिया यानी .asia डोमेन पर अपने नाम और वेबसाइटें पंजीकृत करा सकती हैं और वो पता होगा - www.namehere.asia
कंपनियाँ अपने ऐसे कारोबार या नाम के लिए डॉट एशिया पर पंजीकृत करा सकती हैं जो उनके ट्रेडमार्क हैं. उन सरकारों को भी इस डोमेन पर अपने वेबसाइट नाम पंजीकृत कराने की इजाज़त होगी जो पहले से ही आरक्षित सूची में हैं.
आम लोगों को भी डॉट एशिया डोमेन पर अपने वेबसाइट पते बनाने का मौक़ा मिलेगा लेकिन वह फ़रवरी 2008 से संभव हो सकेगा जब यह सेवा शुरू होगी.
व्यापक पहुँच
.asia का डोमेन बनाने का काम वर्ष 2000 में शुरू हुआ था. डॉट एशिया संगठन को आधिकारिक मंज़ूरी अक्तूबर 2006 में मिली थी और अब आख़िरकार डॉट एशिया डोमेन मार्च 2008 से काम करने लगेगा.
अन्य नेट डोमेन संगठनों से हटकर .asia ने इस डोमेन का इस्तेमाल करने के लिए पंजीकरण का रास्ता नीलामी निकाला है यानी .asia का वेबसाइट पता उसे मिलेगा जो सबसे ज़्यादा क़ीमत अदा करेगा.
.asia का भौगोलिक दायरा ऑस्ट्रेलिया से मध्य पूर्व तक फैला हुआ है. कुल मिलाकर ऐसे बीस संगठन .asia में शामिल हैं जो कुछ विशिष्ठ देशों के डोमेन चलाते हैं और वे .asia डोमेन को कामयाब बनाने में जुटे हुए हैं.
यूरोपीय संघ का इंटरनेट डोमेन .eu अप्रेल 2006 में शुरू हुआ था और उसके बाद .asia दूसरा ऐसा डोमेन है जो किसी महाद्वीप के नाम पर चलेगा.
इनके बाद अफ्रीका और लातीनी अमरीका के भी इंटरनेट डोमेन बाज़ार में आने की संभावना है.
हालाँकि एशिया में बहुत सी भाषाएँ बोली जाती हैं लेकिन .asia में फिलहाल लातीनी वर्णमाला का ही इस्तेमाल होगा लेकिन भविष्य में एशियाई भाषाओं में भी डोमेन नाम देने पर विचार किया जा रहा है लेकिन यह कब होगा, इस बारे में डॉट एशिया संगठन ने कुछ नहीं कहा है.
इंटरनेट के नामों पर नज़र रखने वाली संस्था इंटरनेट कॉर्पोरेशन फ़ॉर एसाइंड नेम्स एंड नंबर्स यानी आईकॉन्न ऐसी प्रणाली का परीक्षण कर रहा है जिसमें नेट नामों में स्थानीय वर्णामाला का इस्तेमाल हो सकेगा.
आईकॉन्न इस प्रणाली में हिंदी, अरबी, फ़ारसी, सरल चीनी, परंपरागत चीनी, रूसी, ग्रीक, कोरियाई, यीदिश, जापानी और तमिल भाषाओं का परीक्षण कर रहा है.