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गुरुवार, 04 अक्तूबर, 2007 को 09:16 GMT तक के समाचार

स्पुतनिक के प्रक्षेपण के 50 साल

रूस अंतरिक्ष युग की शुरुआत की पचासवीं वर्षगांठ मना रहा है. इसके तहत कार्यक्रमों की पूरी श्रृंखला आयोजित की जा रही है.

उस वक्त के सोवियत यूनियन ने 1957 में पहले मानव निर्मित उपग्रह 'स्पुतनिक' प्रक्षेपित किया था.

इसे इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक माना गया था और इसके ही बाद अमरीका से इस क्षेत्र में होड़ शुरू हुई और तब अमरीका ने चंद्रमा पर मानव को भेजा था.

सोवियत संघ के पतन के सालों के बाद अब रूस महत्वाकांक्षी योजनाओं के साथ फिर अंतरिक्ष की दुनिया में वापस क़दम रखने जा रहे हैं.

कल्पना का विस्तार

स्पुतनिक का प्रक्षेपण मानव इतिहास के लिए बहुत बड़ी छलांग थी और इसे सोवियत यूनियन के लिए शीत युद्ध के वक्त प्रचार की एक बड़ी जीत माना गया था.

जहाँ लोगों ने उत्सुकता से रात के वक्त इस छोटे से उपग्रह की एक झलक पाने के लिए आसमान की ओर निहारना शुरू कर दिया था. उन्हें यह भी आभास था कि कहीं बहुत महत्वपूर्ण बदलाव आया है.

रूसी अंतरिक्ष कार्यक्रम के विशेषज्ञ यूरी कराश कहते हैं, "स्पुतनिक का प्रक्षेपण मानव जाति के लिए कम से कम इतना महत्वपूर्ण था जितना कोलम्बस के लिए अमेरिका की खोज."

"स्पुतनिक के प्रक्षेपण के बाद लोगों ने जीवन की अपनी कल्पना का विस्तार पृथ्वी के पार भी करना शुरु किया."

स्पुतनिक के बाद सोवियत यूनियन के लिए अंतरिक्ष के क्षेत्र में सफलताओं की झड़ी सी लग गई. इसे अमेरिका की होड़ ने बढ़ावा दिया.

इसमें पहली बार मानव, यूरी गागरिन को अंतरिक्ष भेजा गया और मानव ने पहली बार अंतरिक्ष में चहलकदमी भी की.

सालों तक रूसी अंतरिक्ष कार्यक्रम मंदगति से चलता रहा और अब जाकर देश के वैज्ञानिक और अंतरिक्षविज्ञानियों ने सरकार से इसके लिए अच्छा-खासा बजट हासिल किया है.

रूस अगले दशक में अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम में 12 अरब डॉलर ख़र्च करेगा, जो अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के बजट के मुकाबले काफी कम है. लेकिन इतनी राशि रूस के लिए महत्वाकांक्षी योजनाएँ बनाने के लिए काफी है.

इन योजनाओं में मंगल ग्रह पर मानव को भेजा जाना भी शामिल है. एक विशेषज्ञ ने बीबीसी को बताया कि यह 2020 तक साकार हो सकता है.