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रविवार, 16 सितंबर, 2007 को 07:56 GMT तक के समाचार

रूस ने अंतरिक्ष में चूहे भेजे

मंगल ग्रह की यात्रा के दौरान मनुष्यों पर पड़ने वाले असर का अध्ययन करने के लिए रूस ने एक ख़ास प्रजाति के चूहों को अंतरिक्ष अभियान पर भेजा है.

ये चूहे 12 दिनों तक अंतरिक्ष में रहेंगे.

ये ख़ास प्रजाति के चूहे अंतरिक्ष में जाने के लिए अधिक उपयुक्त माने गए हैं क्योंकि ये शरीर के तरल पदार्थ को लंबे समय तक शरीर के अंदर रख सकते हैं और इनमें औरों की तुलना में अवशिष्ट पदार्थ कम ही निकलते हैं.

सामान्य चूहों की तरह ही दिखने वाले इन ख़ास प्रज़ाति के स्तनपायी चूहों को एक पिजरें में बंद करके रखा जाएगा और उन्हें खाने के लिए अनाज और मूँगफली के दाने दिए जाएंगे.

भारहीनता की परिस्थिति में ख़ास मशीनों की मदद से इन जीवों का मल साफ़ किए जाने की व्यवस्था की गई है.

वापस आने पर इनमें से कई चूहों पर विभिन्न परीक्षण किए दाएंगे.

इन चूहों को शुक्रवार को कज़ाकिस्तान स्थित बैकानूर अंतरिक्ष केंद्र से रवाना किया गया.

रूस की विज्ञान अकादमी ' रशियन एकेडमी ऑफ़ साइंस' के एनातोली ग्रोगोरएफ़ ने बताया, " इन दस ख़ास प्रजाति के चूहों को शोध के लिए बहुत ही दिलचस्प माना गया है क्योंकि ये एक महीने से भी अधिक समय तक तरल पदार्थों के बिना भी जीवित रह सकते हैं."

उनका कहना था कि इससे वैज्ञानिकों को शून्य गुरुत्वाकर्षण की परिस्थितियों में शरीर में आने वाले बदलावों की तकनीकी समझने में मदद लगेगी.

ये ख़ास प्रजाति के चूहे दिन के प्रकाश में बहुत सक्रिय रहते हैं इसलिए उन पर नज़र रखना आसान होता है.

अंतरिक्ष यात्रा के दौरान इन चूहों की फ़िल्म भी बनाई जाएगी.