रविवार, 02 सितंबर, 2007 को 08:15 GMT तक के समाचार
भारतीय संचार उपग्रह इनसेट-4सीआर को अंतरिक्ष में ले जाने वाले रॉकेट जीएसएलवी-एफ04 का आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से सफल प्रक्षेपण किया गया है.
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के इस भू-स्थैतिक प्रक्षेपण यान जीएसएलवी को श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से छोड़ा गया है.
इस प्रक्षेपण के सफल होने के बाद भारत दुनिया भर में संचार क्षेत्र में इतनी आधुनिक सफलता पाने वाले गिने-चुने देशों में शामिल हो गया है.
यह सफलता इसलिए भी अहम है क्योंकि यह पिछले वर्ष की नाकामी के बाद मिली है, पिछले वर्ष इसरो का अंतरिक्ष यान बंगाल की खाड़ी में जा गिरा था.
उस विफलता के बाद से इसरो के वैज्ञानिक बहुत सतर्कता के साथ फूँक-फूँक कर क़दम आगे बढ़ा रहे थे.
उपग्रह के प्रेक्षपण का समय दोपहर बाद 4 बजकर 21 मिनट रखा गया था लेकिन तकनीकी गड़बड़ी के कारण इसे टालना पड़ा था तब वैज्ञानिक ख़ासे चिंतित हो उठे थे.
निर्धारित समय से दो घंटे बाद यानी स्थानीय समय के अनुसार छह बजकर 20 मिनट पर जब यह रॉकेट अपनी तय ऊँचाई पर जा पहुँचा तो वैज्ञानिकों ने खड़े होकर तालियाँ बजाईं और इसरो के प्रमुख माधवन नायर ने वैज्ञानिकों को बधाई दी.
इनसेट 4सीआर उपग्रह अपने साथ 12 उच्च शक्ति के ट्रांसपोंडर ले गया है. इनसे उपग्रह सेवा की डायरेक्ट टू होम यानी डीटीएच टेलीविज़न सेवा, वीडियो प्रसारण तथा समाचार चैनलों के लिए डिजिटल प्रसारण में ख़ासी मदद मिलेगी.
स्वदेशी तकनीक से निर्मित जीएसएलवी की यह पाँचवी उड़ान थी.