गुरुवार, 23 अगस्त, 2007 को 00:12 GMT तक के समाचार
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि दुनियाभर में जिस तेज़ी के साथ संक्रामक रोक फैल रहे हैं, वैसा इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ.
डब्ल्यूएचओ की यह ताज़ा रिपोर्ट स्वास्थ्य सुरक्षा पर आधारित है जिसमें कहा गया है कि दुनियाभर में बीमारियाँ ख़तरे के स्तर तक बढ़ रही हैं.
अपनी वार्षिक रिपोर्ट में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस चिंता के साथ कहा है कि आज दुनिया के तमाम देश एक-दूसरे से जिस तेज़ी से जुड़ते जा रहे हैं, ऐसे में पूरे खुलेपन और परस्पर सहयोग से ही इन बीमारियों से निपटा जा सकता है.
संगठन ने चेताया है कि अगर ये एहतियात नहीं बरती गई तो दुनियाभर में न केवल स्वास्थ्य बल्कि अर्थव्यवस्था और सुरक्षा भी प्रभावित होंगे.
रिपोर्ट के मुताबिक जिस तरह की जीवन शैली दुनियाभर के लोग जी रहे हैं, उसके लिहाज़ से उपलब्ध सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली पर्याप्त नहीं है.
संगठन ने पाया है कि वर्ष 1967 से अबतक नौ पैथोजन खोजे जा चुके हैं जिनमें एचआईवी, एबोला, मारबर्ग विषाणु और स्वास तंत्र को प्रभावित करने वाले पैथोजन शामिल हैं.
सावधानी हटी,...
यह भी कहा गया है कि प्रतिवर्ष लगभग दो अरब लोग वायुयानों से दुनियाभर में एक जगह से दूसरी जगह यात्रा करते हैं.
ऐसे में बीमारियों का संक्रमण भी लोगों के साथ एक जगह से दूसरी जगह पहुँचता रहता है और एक हवाई यात्रा भर से आप इसकी चपेट में आ सकते हैं.
रिपोर्ट में एक बात पर विशेष रूप से ज़ोर दिया गया है और वह है नई बीमारियों के प्रति दुनियाभर में लोगों की सजगता में कमी.
इसमें साफ़ कहा गया है कि 21वीं सदी में कई प्रतिरोधी दवाओं और वैक्सीन विकसित की गईं और इससे बीमारियाँ नियंत्रित की गईं पर इसका एक दूसरा पहलू यह है कि लोगों में बीमारियों के प्रति सजगता कम हो गई.
ताज़ा स्थितियाँ ऐसी बन गई हैं कि दुनियाभर में जिस तेज़ी से संक्रामक बीमारियाँ फैल रही हैं उस तेज़ी से पहले कभी नहीं फैलीं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सलाह दी है कि इसके लिए बीमारियों से जुड़े आकड़ों को छिपाना नहीं चाहिए और बीमारियों से लड़ने की दिशा में जो भी नई खोज, वायरस सैंपल या दवाएं हासिल हों, उन्हें दूसरे देशों को भी बताना चाहिए.