शुक्रवार, 17 अगस्त, 2007 को 06:09 GMT तक के समाचार
अमरीकी अंतरिक्ष संस्था नासा ने कहा है कि स्पेस शटल एंडेवर पृथ्वी पर सुरक्षित लौटने के लिए तैयार है और इसमें किसी मरम्मत की ज़रूरत नहीं है.
सात अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर गए एंडेवर को पिछले सप्ताह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से सफलतापूर्वक जोड़ लिया गया था.
जुड़ने से पहले अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी (नासा) के वैज्ञानिकों ने एंडेवर की रवानगी के समय उसके फोम कवच में हुई क्षति का जायज़ा लिया.
वैज्ञानिकों ने पाया था कि कवच में मामूली क्षति तो पहुँची है पर अभियान नियंत्रकों ने इसे बहुत मामूली क्षति बताया है और कहा है कि इसे सही किए बिना भी यान को वापस पृथ्वी पर लाया जा सकता है.
अभियान नियंत्रकों ने जानकारी दी कि अभियान दल को बता दिया गया है कि मरम्मत करने के लिए अंतरिक्ष में चलने और कवच में सुधार करने का जोखिम उठाने के बजाय इस यान को वापस उतारने का निर्णय लिया गया है.
बताया जा रहा है कि अंतरिक्ष यान के ऊष्मा रोधी कवच में जो नुकसान पहुँचा है उससे कुछ सेंटीमीटर लंबा छेद बन गया है.
अंतरिक्ष अभियान
यह नासा के इस साल रवाना होने वाले चार अभियानों में से दूसरा है. नासा 100 अरब डॉलर की लागत से बनने वाले अंतरिक्ष स्टेशन को 2010 तक हर हाल में तैयार कर लेना चाहता है.
एंडेवर में सात अंतरिक्ष यात्रियों में से 55 वर्षीय बारबरा मॉर्गन भी हैं, जो शिक्षिका रही हैं.
बारबरा को शिक्षिका क्रिस्टा मैकआलिफ़ के रिज़र्व के रूप में वर्ष 1986 में चैलेंजर मिशन के लिए चुना गया था. चैलेंजर उड़ान भरने के 73 सेकंड बाद ही यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और इसमें सवार सभी सातों अंतरिक्ष यात्री मारे गए थे.
बारबरा के अंतरिक्ष जाने से वह सपना पूरा हो गया जो क्रिस्टा मैकआलिफ़ सहित चैलेंजर के अन्य अंतरिक्ष यात्रियों ने संजोया था.
वर्ष 2003 में कोलंबिया दुर्घटना के बाद एंडेवर की यह पहली उड़ान है. कोलंबिया दुर्घटना में भारतीय मूल की कल्पना चावला समेत सातों अंतरिक्ष यात्री मारे गए थे.
बताया जा रहा है कि उस यान के दुर्घटनाग्रस्त होने के पीछे भी इसी तरह की समस्या कारण बनी थी जैसी कि इस वक्त एंडेवर में है.