गुरुवार, 09 अगस्त, 2007 को 09:32 GMT तक के समाचार
अमरीकी स्पेस शटल एंडेवर फ़्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से बुधवार को 11 से 14 दिनों के अभियान पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए रवाना हो गया.
एंडेवर स्पेस सेंटर से नियत समय पर ही ब्रिटिश मानक समय के अनुसार रात 11 बजकर 36 मिनट पर सात अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर रवाना हुआ.
यह नासा के इस साल रवाना होने वाले चार अभियानों में से दूसरा है. नासा 100 अरब डॉलर की लागत से बनने वाले अंतरिक्ष स्टेशन को 2010 में यानों के बेड़े की समय अवधि पूरा होने से पहले हर हाल में तैयार कर लेना चाहता है.
एंडेवर में सात अंतरिक्ष यात्रियों में से 55 वर्षीय बारबरा मॉर्गन भी हैं, जो शिक्षिका रही हैं.
बारबरा को शिक्षिका क्रिस्टा मैकआलिफ़ के रिज़र्व के रूप में वर्ष 1986 में चैलेंजर मिशन के लिए चुना गया था. चैलेंजर उड़ान भरने के 73 सेकंड बाद ही यह दुर्घटनाग्रस्त हो गया था और इसमें सवार सभी सातों अंतरिक्ष यात्री मारे गए थे.
बारबरा के अंतरिक्ष जाने से वह सपना पूरा हो गया जो क्रिस्टा मैकआलिफ़ सहित चैलेंजर के अन्य अंतरिक्ष यात्रियों ने संजोया था.
पाँच साल बाद
वर्ष 2003 में कोलंबिया दुर्घटना के बाद एंडेवर की यह पहली उड़ान है. कोलंबिया दुर्घटना में भारतीय मूल की कल्पना चावला समेत सातों अंतरिक्ष यात्री मारे गए थे.
नासा के अधिकारियों का कहना है कि एंडेवर की पिछली उड़ान के बाद से पाँच साल में इस यान के लगभग सभी उपकरण बदल दिए गए हैं और एक तरह से यह एकदम नया यान है.
इसमें ऐसे उपकरण लगाए गए हैं ताकि यह आईएसएस के पावर ग्रिड से जुड़कर ज़रूरत के मुताबिक यह अपने मिशन को 11 दिन से बढ़ाकर 14 दिन कर सकता है.
अंतरिक्ष यात्री आईएसएस की लंबाई बढ़ाने के साथ ही ख़राब पड़ चुके चार गायरोस्कोप में से एक को बदलेंगे. गायरोस्कोप आईएसएस के तल को समतल रखने का काम करता है.
एंडेवर में इसके साथ ही एक कार्गों भी ले जाया गया है जिसमें खाने का सामान और उपकरण है.
स्पेस शटल से तीन बार अंतरिक्ष यात्री दो-दो के समूह में बाहर निकलेंगे और आईएसएस में मरम्मत के काम को पूरा करेंगे.
अगर नासा मिशन की अवधि को तीन दिन के लिए बढ़ाता है तो अंतरिक्ष यात्री चौथी बार अंतिरक्ष में बाहर निकल पाएंगे.