गुरुवार, 05 जुलाई, 2007 को 11:34 GMT तक के समाचार
एक शोध से पता चला है कि हर रोज़ सीमित मात्रा में गहरे रंग की चॉकलेट खाने से रक्तचाप घटाया जा सकता है और दिल के दौरे के ख़तरे को भी कम किया जा सकता है.
शोधकर्ताओं ने 'जर्नल ऑफ़ अमेरिकन मेडिसन' में इस शोध के बारे में लिखा है.
शोधकर्तांओं ने रक्तचाप की समस्या से जूझ रहे 44 लोगों को दो समूहों में बाँटा. एक समूह के लोगों ने प्रति दिन छह ग्राम अधिक कोको वाली डार्क चॉकेलेट खाई जबकि दूसरे समूह ने सफ़ेद चॉकलेट खाई.
डार्क चॉकलेट खाने वाले पहले समूह के रक्तचाप में हल्की गिरावट दर्ज की गई जबकि दूसरे समूह के लोगों का रक्तचाप पहले जैसा ही रहा.
कोको (जिससे चॉकलेट बनती है) को सेहत के लिए फ़ायेदमंद बताना कोई नई बात नहीं है. पुराने शोध पहले से ही ये साबित कर चुके हैं कि इससे रक्तचाप कम हो सकता है.
कोको के अंदर 'फ़्लावानॉल्स' नाम का एक पदार्थ होता है जो रक्तचाप घटाने का काम करता है.
पहले ये माना जाता था कि आवश्यक परिणाम पाने के लिए काफ़ी मात्रा में कोको की ज़रूरत पड़ेगी.
लेकिन यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ऑफ़ कोलोन के शोधकर्ताओं ने कहा कि इस अध्ययन में दिखाया गया है कि 30 कैलोरी की मात्रा वाली चॉकलेट खाकर फ़ायदा मिल सकता है.
'उपचार नहीं'
शोधकर्ताओं ने 56 से 73 साल की उम्र वाले लोगों को सीमित मात्रा में चॉकलेट खिलाई. चॉकलेट खाने पर उनके शरीर के भार या ग्लूकोज़ के स्तर में कोई बदलाव दर्ज नहीं किया गया, लेकिन उनके रक्तचाप में हल्की गिरावट दिखाई दी.
शोधकर्ताओं ने पाया कि ये गिरावट तो कम थी लेकिन इसके चिकित्सकीय प्रभाव बढ़िया थे.
शोधकर्ताओं का कहना है कि रक्तचाप के मरीज़ों से अपनी दिनचर्या और व्यवहार में बदलाव लाने के लिए कहने से तो बढ़िया है कि उन्हें चॉकलेट खाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए.
लेकिन 'ब्रिटिश हार्ट फ़ाउंडेशन' में आहार विशेषज्ञ सारा स्टैनर का कहना है,"इस बात पर ध्यान दिया जाना चाहिए कि चॉकलेट में वसा और कैलोरीज़ भी काफ़ी मात्रा में होती है. इसलिए ज़्यादा चॉकलेट खाने से दिल को नुक़सान पहुँच सकता है."
'ब्रिटिश हर्ट फ़ाउंडेशन' ने आगाह किया कि चॉकलेट 'एक खाने की चीज़ है उपचार नहीं'.