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सोमवार, 14 मई, 2007 को 12:25 GMT तक के समाचार

अंतरिक्ष में चीन की एक और छलांग

चीन ने नाइजीरिया के लिए सफलतापूर्वक एक संचार उपग्रह का प्रक्षेपण किया है. ये सफलता इसलिए ख़ास है क्योंकि पहली बार किसी देश ने चीन से ना सिर्फ़ उपग्रह ख़रीदा है बल्कि वहीं से उसका प्रक्षेपण भी किया गया है.

उम्मीद है कि इस संचार उपग्रह के माध्यम से अफ़्रीका में प्रसारण, दूरसंचार और ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवा मिलेगी.

सोमवार को दक्षिण पश्चिमी चीन के सिचुआन प्रांत के शिचांग प्रक्षेपण केंद्र से इस उपग्रह को छोड़ा गया.

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ का कहना है कि नाइजीरिया की ओर से इस ठेके के लिए 21 और देश दावेदार थे.

लेकिन चीन ने इस देशों को पीछे छोड़ते हुए 31.1 करोड़ डॉलर के इस अनुबंध को हासिल किया.

माना जा रहा है कि यह उपग्रह इस साल के अंत तक अपनी कक्षा में पूरी तरह स्थापित हो जाएगा. पंद्रह साल तक इस उपग्रह से सेवाएँ ली जा सकेंगी.

वैसे तो चीन 1990 के दशक से ही अन्य देशों के उपग्रहों को छोड़ रहा है लेकिन यह पहला मौक़ा है कि ना सिर्फ़ उपग्रह चीन में तैयार किए गए हैं बल्कि उनका प्रक्षेपण भी वहीं से किया जा रहा है.

पहली बार

साथ ही ऐसा पहली बार है कि किसी अफ़्रीकी देश ने उपग्रह छोड़ने के लिए चीन की सेवाएँ ली है. जानकारों का कहना है कि इस नई शुरुआत से चीन के अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़े उद्योग को कई अवसर मिलेंगे.

चीन के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का तो दावा है कि अब वे दो साल में उपग्रह तैयार कर ले रहे हैं जबकि अन्य देशों में इसे तैयार करने में ढाई साल का समय लगता है. अभी भी चीन के पास क़रीब 30 विदेशी उपग्रहो के प्रक्षेपण का अनुबंध है.

नाइजीरिया के उपग्रह को तैयार करने और उसे प्रक्षेपित करने को चीन और अफ़्रीकी देशों में बढ़ते सहयोग का उदाहरण माना जा रहा है. चीन अफ़्रीकी देशों से कच्चा माल ख़रीद रहा है और अपने यहाँ बुनियादी सुविधाएँ तैयार कर रहा है.

दूसरी ओर चीन अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम का भी लगातार विस्तार कर रहा है. वर्ष 2003 में चीन दुनिया का तीसरा देश बना जिसने अंतरिक्ष में किसी व्यक्ति को भेजा था.