बुधवार, 02 मई, 2007 को 22:50 GMT तक के समाचार
अमरीका के वैज्ञानिकों का कहना है कि नए आकड़ों के अनुसार मंगल ग्रह के कम से कम आधे हिस्से में बर्फ़ ही बर्फ़ हो सकती है.
वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह से आकड़े लेने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया है जिससे ग्रह की सतह पर पानी होने संबंधी विश्वसनीय जानकारी मिलती है.
ये आकड़े फिनिक्स मार्स मिशन के लिए काफ़ी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं जिसके तहत अगस्त में मंगल ग्रह पर एक मशीन भेजी जानी है जो वहां बर्फ़ निकालने का काम करेगा.
नए आकड़ों से पता चल रहा है कि बर्फ मंगल ग्रह की ज़मीन के कितने नीचे है.
मौसमी बदलाव
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस ग्रह पर इतना बर्फ़ जमा होने की संभावना है कि अगर यह बर्फ़ पिघली तो पूरे ग्रह को डूबा दे और समुद्र बना दे.
अभी तक वैज्ञानिकों को मंगल ग्रह पर कुछ स्थानों पर पानी होने की ही जानकारी मिली थी.
नई तकनीक के ज़रिए अब वैज्ञानिक मौसम में बदलाव पर भी नज़र रख रहे हैं और आकड़ों का विश्लेषण कर रहे हैं जिससे और अधिक विश्वसनीय जानकारी मिल पा रही है.
नई तकनीक बनाने वाले वैज्ञानिक डॉ बैंडफ़ील्ड कहते हैं कि मंगल ग्रह के आधे या तिहाई हिस्से में बर्फ भरे होने की संभावना है.