गुरुवार, 04 जनवरी, 2007 को 21:19 GMT तक के समाचार
अमरीका और कनाडा के शोधकर्ताओं ने पाया है कि ज़्यादा शराब पीने का असर पुरुषों के मुकाबले महिलाओं पर अधिक होता है और उनमें डिप्रेशन का ख़तरा बढ़ जाता है.
शराब के सेवन और डिप्रेशन के इतिहास के बीच संबंध समझने के लिए इन शोधकर्ताओं ने 6009 पुरुषों और 8054 महिलाओं का अध्ययन किया.
उन्होने पाया कि जो महिलाएँ शराब का ज़्यादा सेवन करती हैं वे पुरुषों के मुकाबले क्लिनिकल डिप्रेशन का जल्दी शिकार होती हैं.
लेकिन 'अल्कोहलिज़्म: क्लिनिकल ऐंड ऐक्सपेरिमेंटल रिसर्च जर्नल' में छपी इस रिपोर्ट के अनुसार सीमित मात्रा में शराब के सेवन से दोनों में डिप्रेशन का ख़तरा बढ़ने की कोई संभावना नहीं नज़र आई.
इस अध्ययन में यह भी देखा गया कि पिछले एक हफ़्ते और एक वर्ष के दौरान महिलाओं और पुरुषों ने कितनी मात्रा में शराब का सेवन किया. साथ ही उनके शराब पीने के तरीकों को भी देखा गया.
शोधकर्ताओं ने यह भी देखा कि आमतौर पर कितनी शराब पी गई और अधिकतम कितनी शराब पी गई.
कनाडा के सेंटर फॉर एडिक्शन ऐंड मैंटल हैल्थ की ओर से किए गए इस शोध में पाया गया कि पुरुषों और महिलाओं में यह अंतर केवल डिप्रेशन के शिकार लोगों में ही सामने आया.
नॉर्थ डेकोटा स्कूल ऑफ मेडिसिन ऐंड हैल्थ सांइसेज़ विश्वविद्यालय की प्रोफ़ेसर शैरन विल्सन का कहना है कि डिप्रेशन की शिकार महिलाएँ अपने डिप्रेशन को दबाने के लिए और अधिक शराब पीने के लिए प्रोत्साहित होती हैं.
लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि यह जानने के लिए और काम करने की ज़रुरत है कि शराब पीने से डिप्रेशन बढ़ता है या डिप्रेशन होने से शराब का सेवन बढ़ जाता है. या फिर इन दोनों का संबंध किसी और कारण से है.