मंगलवार, 02 जनवरी, 2007 को 07:26 GMT तक के समाचार
एक अध्ययन से पता चला है कि रोज़ाना सीमित मात्रा में शराब पीने से उच्च रक्तचाप के रोगियों में दिल का दौरा पड़ने की संभावना कम हो जाती है.
लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अध्ययन के नतीजों को शराब पीने का लाइसेंस नहीं माना जाना चाहिए.
रिपोर्ट के अनुसार शराब का ज़्यादा सेवन सेहत के लिए ख़तरनाक हो सकता है. इससे रक्तचाप बढ़ सकता है.
विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा है कि शराब नुकसान पहुँचा सकती है और इसे दवा के रूप में हर्गिज इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए.
अध्ययन में 11 हज़ार 711 लोगों को शामिल किया गया और पाया गया कि शराब का संतुलित सेवन करने वाले व्यक्तियों को दिल का दौरा पड़ने की संभावना कम होती है, भले ही वह उच्च रक्तचाप से पीड़ित हों.
दिलचस्प बात ये है कि जो व्यक्ति हर दूसरे या तीसरे दिन एक पैग या इससे कम शराब पीते हैं, उनको दिल का दौरा पड़ने का जोख़िम शराब से तौबा करने वालों के मुकाबले कम नहीं होता है.
चेतावनी
विशेषज्ञों ने कहा कि रोजाना तीन पैग से ज़्यादा पीना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह है और इससे रक्तचाप और तनाव बढ़ सकता है.
रिपोर्ट के अनुसार, "हमारे नतीजे शराब के शौकीन ऐसे लोगों के लिए नहीं हैं जो हाइपरटेंशन की समस्या से जूझ रहे हैं."
हार्वर्ड स्कूल ऑफ़ पब्लिक हेल्थ के जूलिन ब्यूलेन्स के अनुसार, "चूँकि शराब का ज़्यादा सेवन रक्तचाप बढ़ाता है. हाइपरटेंशन से जूझ रहे तमाम लोगों को शराब न पीने की सलाह दी जाती है, लेकिन हमारे नतीजे बताते हैं कि अगर कोई व्यक्ति ज़िम्मेदारी से पीता है तो उसे शराब से तौबा करने की जरूरत नहीं है."
पूर्व के अध्ययनों से पता चला था कि शराब का सेवन एक तरफ जहाँ दिल के दौरे के जोख़िम को कम करता है, वहीं शरीर में 'अच्छे' कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की भी संभावना रहती है.
ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के जूडी ओ सुलिवन ने कहा, "शराब पीने से होने वाले फायदे और नुकसान के बीच बहुत बारीक लाइन है."