http://www.bbcchindi.com

बुधवार, 20 दिसंबर, 2006 को 09:49 GMT तक के समाचार

दो सिरों वाला अनोखा जीवाश्म

वैज्ञानिकों को पहली बार दो सिरों वाले सरीसृप का कोई जीवाश्म मिला है.

डायनासोर के समय के किसी असामान्य जीव का यह अवशेष उत्तरी-पश्चिमी चीन में मिला है.

नमूने से पता चलता है कि सरीसृप वर्ग यानी रेंगनेवाली प्रजाति का यह जलीय जीव जब मरा होगा तो उस समय बहुत कम उम्र का रहा होगा.

कोरिस्टोडेरॉन नाम का यह सरीसृप जीव वयस्क होकर करीब एक मीटर का हो गया था.

इसकी गर्दन लंबी थी और एक नहीं दो थी.

इस जीव का मेरुदंड वहाँ से दो भाग में बँट गया था जहाँ से शरीर में गर्दन निकलना शुरु होता है.

साढ़े छह से 15 करोड़ वर्ष पहले क्रिटेसियस काल में उत्तरी-पश्चिमी चीन में इन जलीय जीवों का पाया जाना आम था.

दो मुहों वाले जीवित जीवों के तो कई उदाहरण मिलते हैं लेकिन सरीसृप वर्गों की कुल संख्या के हिसाब से ऐसे मामलों की संख्या बहुत कम है.

रेंगने वाले आधुनिक जीवों में दो सिरों वाले जीवों की संख्या अपेक्षाकृत ज़्यादा है. दो सिरों वाले साँपों के अब तक चार सौ मामले देखने में आए हैं.

माना जाता है कि दो सिरों की यह स्थिति भ्रूण में चोट की वजह से पैदा होती है.

फ्रांस की राजधानी पेरिस स्थित अनुसंधान संस्था सीएनआरएस के निदेशक डॉ बफेटॉ ने बताया, "मेरी जानकारी में मेरूदंड वाले जीवों के जितने जीवाश्म मिले हैं, उनमें से कोई भी इस तरह का नहीं हैं."

चीन के जिक्सियान में क्रिटेसियस चट्टानों से प्राप्त इस नमूने को अब दक्षिणी चीन के शेंझेन संग्रहालय में रखा गया है.