शुक्रवार, 08 दिसंबर, 2006 को 01:56 GMT तक के समाचार
नासा ने अपने अंतरिक्ष यान डिस्कवरी का प्रक्षेपण ख़राब मौसम के कारण टाल दिया है. इस उड़ान में भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स भी जा रही हैं.
हालांकि नासा प्रक्षेपण की अंतिम तैयारियों में जुट गया था और सभी अंतरिक्ष यात्री भी यान में सवार हो गए थे और अंतिम परीक्षणों में जुटे थे.
लेकिन बादलों के न हटते देख अंतरिक्ष यान के नियंत्रकों ने उड़ान को टालने का फ़ैसला किया.
सुनीता विलियम्स के साथ अन्य यात्री भी जा रहे हैं और वो अपनी यात्रा 12 दिनों में पूरी कर वापस लौट आएँगे.
लेकिन सुनीता डिस्कवरी से वापस नहीं आएँगीं क्योंकि वो कुछ समय अंतरिक्ष केंद्र में बताएँगीं.
उनके स्थान पर पिछले छह महीने से अंतरिक्ष केंद्र में रह रहे जर्मनी के थॉंमस रिटर वापस आएंगे.
सुनीता की उड़ान
नासा के इस दल में सुनीता फ़्लाइट विशेषज्ञ के रूप में कार्य कर रही हैं.
सुनीता की पैदाइश अमरीका के ओहायो में 1965 में हुई थी. उनके पिता 1958 में अहमदाबाद से अमरीका आकर बस गए थे.
सुनीता के पिता दीपक पांड्या और माँ बोनी पांड्या मैसाचुसेट्स राज्य के फ़ाल्मथ शहर में रहते हैं.
सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष विज्ञान का ख़ासा ज्ञान रखती हैं और रूस में उन्होंने लंबे समय तक काम किया है.
अंतरिक्ष यात्रा पर जाने वाली सुनीता भारतीय मूल की दूसरी अंतरिक्ष यात्री हैं.
इसके पहले कल्पना चावला कोलंबिया यान से अंतरिक्ष यात्रा पर गईं थी. लेकिन वापसी के दौरान यह यान टुकड़ों में बँट गया था और इसमें सवार कल्पना चावला सहित सातों अंतरिक्ष यात्री मारे गए थे.