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शुक्रवार, 08 दिसंबर, 2006 को 07:14 GMT तक के समाचार

एचआईवी-एड्स और मलेरिया में संबंध

कीनिया में काम कर रहे वैज्ञानिकों का कहना है कि अफ़्रीका की दो सबसे घातक बीमारियों एचआईवी-एड्स और मलेरिया के बीच संबंध हैं.

अमरीका की एक विज्ञान पत्रिका में छपे शोध के अनुसार जब कोई व्यक्ति मलेरिया से पीड़ित होता है तो उसकी प्रतिरोध क्षमता कम हो जाती और यदि ऐसे वक्त वह एचआईवी पीड़ित से शारीरिक संबंध बनाता है तो उसे संक्रमण होने का ज़्यादा ख़तरा रहता है.

साथ ही जो लोग एचआईवी से पीड़ित होते हैं, उन्हें मलेरिया होने की ज्यादा संभावना रहती है.

वैज्ञानिकों का कहना है कि दोनों बीमारियाँ जिस तरह से एक दूसरे को बढ़ावा देती है, उससे अफ़्रीका में इन संक्रमणों का विस्तार हो रहा है.

उनका कहना है कि कीनिया के शहर किसुमू में एचआईवी पीड़ितों की संख्या में पाँच फ़ीसदी बढ़ोत्तरी का ज़िम्मेदार मलेरिया है.

बीबीसी संवाददाता का कहना है कि नए शोध से इन बीमारियों से निपटने की रणनीति पर असर पड़ सकता है.

विस्तार पर चिंता

उल्लेखनीय है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दुनिया भर में एड्स के विस्तार पर चिंता जताई है. इससे लगभग चार करोड़ लोग पीड़ित हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि विभिन्न प्रयासों के बावजूद एचआईवी और एड्स फैलता जा रहा है और इस दिशा में तत्काल क़दम उठाए जाने की ज़रूरत है.

दक्षिण अफ़्रीका में एचआईवी और एड्स से लगभग 55 लाख लोग प्रभावित हैं और प्रतिदिन वहाँ लगभग 900 लोगों की इसकी वजह से मौत हो जाती है.

दुनिया भर में एड्स की महामारी का असर जानने के लिए किए गए शोध से पता चलता है कि कामगार इसके सबसे बड़े शिकार हैं.

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन का कहना है कि एचआईवी-एड्स से प्रभावित देशों की अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो रही है.

इससे सबसे अधिक नवयुवक प्रभावित होते हैं. बहुत से बच्चों को उनके माता-पिता की बीमारी या फिर मृत्यु के कारण मज़दूरी करनी पड़ती है.