मंगलवार, 05 दिसंबर, 2006 को 13:12 GMT तक के समाचार
अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की चंद्रमा पर स्थायी ठिकाना बनाने की योजना है. यह चंद्र-शिविर 2020 में अमरीकी अंतरिक्ष यात्रियों के चांद पर जाने तक काम शुरु कर देगा.
इस ठिकाने को चांद के एक ध्रुव के आस-पास बनाने की उम्मीद है क्योंकि इस क्षेत्र की जलवायु सामान्य रहती है और यहाँ सूरज की रोशनी भी बढ़िया आती है.
ये चंद्र-शिविर एक विज्ञान-केंद्र की तरह काम करेगा जो मंगल पर जाने वाले अंतरिक्षयात्रियों के लिए एक आधार का काम करेगा.
अमरीका पहले ही कह चुका है कि उसकी चंद्रमा पर जाने के लिए एक नया अंतरिक्ष-विमान बनाने की योजना है.
शिविर का स्वरूप और अंतरिक्ष यात्रियों का काम अभी ठीक से तय नहीं हुआ है और ये भी तय नहीं है कि ये शिविर काम करना कब शुरु करेगा.
चांद पर चौकी
नासा में अंवेषण विभाग के संयुक्त प्रशासक स्कॉट डॉक होरोविट्ज़ ने कहा, "हम चंद्रमा पर एक ठिकाना बनाने जा रहे हैं."
नासा के उप प्रमुख शाना डेल ने समाचार एजेंसी एपी को बताया इस बार के चंद्र-मिशन और पहले के सभी चंद्र-मिशन में मूलभूत अंतर होगा.
ऐसा माना जा रहा है कि नासा ये शिविर बनाने के लिए अन्य देशों और व्यापारिक समूहों से भी सहायता के लिए कहने वाला है.
शाना डेल ने रायटर्स समाचार एजेंसी को बताया, "ये बहुत ही उत्तेजक होगा. हम ध्रुवीय क्षेत्रों के बारे में बहुत कुछ नहीं जानते."
रॉयटर्स के अनुसार, चंद्र-शिविर बनाने के लिए पैसा स्पेस शटल कार्यक्रम से आएगा जो 2010 में बंद होने वाला है.
कोलंबिया स्पेस शटल के दुर्घटनाग्रस्त हो जाने के बाद अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने 2020 में अंतरिक्ष यात्री चांद पर भेजने की योजना के बारे में जानकारी दी थी.
नासा ने अगस्त में घोषणा की थी कि चंद्रमा पर जाने वाला अगला अमरीकी अंतरिक्ष विमान लॉकहीड मार्टिन कार्पोरेशन बनाएगी.