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शनिवार, 25 नवंबर, 2006 को 17:14 GMT तक के समाचार

प्रदूषण रोकने के लिए प्लास्टिक पेपर

जापानी की कंपनी तोशिबा ने एक ऐसा प्रिंटर बनाया है जो प्लास्टिक पेपर का उपयोग करेगा और इस काग़ज़ को सैकड़ों बार इस्तेमाल किया जा सकेगा.

तोशिबा का दावा है कि इस प्रिंटर के इस्तेमाल से कार्बन के उत्सर्जन और अन्य प्रदूषण में कमी आएगी क्योंकि इस प्रिंटर में काग़ज़ का उपयोग नहीं होगा.

दूसरी तरफ़ उद्योग जगत से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि बार-बार उपयोग करने वाले काग़ज़ के साथ तालमेल बिठाने में मुश्किल आएगी.

बी-एसएक्स 8 आर नामक इस प्रिंटर में इस्तेमाल होने वाला पेपर पोलिथिलीन टेरेफ़्थालेट नामक प्लास्टिक से बनता है.

इसके ऊपर की सतह पर संवेदनशील गर्म रसायन होता है जो अलग-अलग हालात में सफ़ेद और काला हो जाता है.

तापमान के बदलाव और इसके ठंड होने के अंतराल के प्रभाव के कारण इस पर लिखना और फिर इसे मिटा देना संभव हो पाता है. यह प्रिंटर एक मिनट में 12 पेज प्रिंट कर सकता है.

इस्तेमाल

तोशिबा के प्रवक्ता माइक कीन कहते हैं, "सामान्य हालात में इस प्रिंटर में प्लास्टिक पेपर को पाँच सौ बार इस्तेमाल किया जा सकता है."

इस तकनीक से विकसित किया गया पेपर कोई नया नहीं है. इस प्रकार की प्रिंटिंग तकनीक 1970 के दशक में विकसित हुई और एक विशेष तरह की फ़ैक्स मशीन में इस्तेमाल की जाती थी.

तोशिबा के प्रवक्ता माइक कीन का कहना है कि ई-प्रिंटर की कोई भी तकनीक नई नहीं है.

उनका कहना है कि प्लास्टिक पेपर अपेक्षाकृत सस्ता होगा जो बड़े पैमाने पर होने वाले इस्तेमाल के लिए सस्ता होगा. इसकी एक शीट की क़ीमत दस डालर होगी.

लेकिन इंटरनेशनल सॉलिड वेस्ट एसोशिएशन के तकनीकी मामलों के प्रमुख जेफ़र कूपर का कहना है कि प्लास्टिक काग़ज़ के इस्तेमाल में कई समस्याएँ हैं.