http://www.bbcchindi.com

गुरुवार, 26 अक्तूबर, 2006 को 03:12 GMT तक के समाचार

सूर्य के अध्ययन के लिए उपग्रह रवाना

अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने दो उपग्रह प्रक्षेपित किए हैं जो वैज्ञानिकों को सूर्य की त्रिआयामी तस्वीरें उपलब्ध कराएँगे.

स्टीरियो अभियान सूर्य से उत्पन्न होनेवाली सौर ऊर्जा के बारे में अध्ययन करेगा.

भीषण विस्फोट के बाद सूर्य की सतह पर पैदा होने वाली सौर-ज्वालाओं के साथ बड़ी मात्रा में ऊर्जा मुक्त होती है.

साथ ही इसके कारण चुबंकीय तूफ़ान पैदा होते हैं जिससे धरती पर संचार प्रणाली के तहस-नहस होने की आशंका हमेशा बनी रहती है.

ये यान सूर्य के चुंबकीय क्षेत्रों के अध्ययन के ज़रिए सौर-ज्वालाओं की पहेली को सुलझाने की कोशिश करेंगे.

नासा के वैज्ञानिक अमिताभ घोष ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि हमें उम्मीद है कि इससे शक्तिशाली सौर-ज्वालाओं की उत्पत्ति के बारे में सही अनुमान लगाए जा सकेंगे.

ऐसा संभव हुआ तो धरती पर संचार प्रणाली को सुरक्षित रखा जा सकेगा.

इस अभियान में भेजे गए दो उपग्रहों को डेल्टा-2 अमरीका के फ्लोरिडा स्थित केप कैनेवरल प्रक्षेपण केंद्र से प्रक्षेपित किया गया.

ये दोनों उपग्रह एक से हैं और ये सूर्य का चक्कर लगाएँगे. इनमें से एक सूर्य के थोड़े ज़्यादा क़रीब जाएगा ताकि त्रिआयामी तस्वीर उपलब्ध कराई जा सके.

सौर-ज्वालाओं में वैज्ञानिकों की दिलचस्पी एक और कारण से भी है. दरअसल इन शक्तिशाली ज्वालाओं के साथ अंतरिक्ष में नुक़सानदेह विकिरण भी फैलते हैं.

माना जाता है कि अनियमित तौर पर उठने वाली इन ब्रह्मांडीय ज्वालाओं की उत्पत्ति में सूर्य की चुंबकीय ताक़त का मुख्य योगदान होता है.