बुधवार, 27 सितंबर, 2006 को 08:21 GMT तक के समाचार
फ्रांसीसी डॉक्टर हवा में शून्य गुरुत्वाकर्षण की स्थिति में एक व्यक्ति के हाथ से ट्यूमर निकालने के लिए ऑपरेशन करेंगे.
जिस व्यक्ति के हाथ का ऑपरेशन होना है, उसे विशेष प्रशिक्षण दिया गया है. यह अपनी तरह का पहला प्रयास होगा.
डॉक्टरों के साथ यह मरीज़ एक विशेष विमान से उड़ान भरेगा.
गुरुत्वाकर्षण शक्ति बिल्कुल ख़त्म हो जाए, ये सुनिश्चित करने के लिए विमान काफ़ी ऊँचाई पर जाकर कई बार गोते लगाएगा जिससे 20-20 सेकेंड के लिए कई बार भारहीनता की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी.
दरअसल शोधकर्ता लंबी अवधि के अंतरिक्ष उड़ानों के दौरान रोबोट के ज़रिए अंतरिक्ष यान में ही ऑपरेशन करने की संभावना तलाशने के लिए अध्ययन कर रहे हैं.
इसके तहत डॉक्टरों की टीम धरती पर से ही रोबोट को ऑपरेशन के लिए ज़रुरी दिशा निर्देश देंगे. ताजा प्रयास उसी प्रोजेक्ट का एक हिस्सा है.
ऑपरेशने के दौरान डॉक्टरों को विमान के दोनों सिरे से बाँध दिया जाएगा. वहीं मरीज़ को स्टेराइल टेंट में रखा जाएगा.
शोधकर्ताओं का मानना है कि यह तकनीक दूर दराज़ के इलाक़ों, जैसे गुफ़ाओं में और भूकंप के बाद की स्थिति में लोगों को आपात चिकित्सा मुहैया कराने में मददगार साबित होगी.
विशेष तैयारी
ऑपरेशन के लिए ज़रुरी उपकरण विशेष तौर पर बनाए गए हैं जिनमें चुंबक लगा होगा और वे धातु के बने ऑपरेशन टेबल पर रखे जाएँगे.
इस प्रोजेक्ट के लिए एअरबस ए-300 ज़ीरो-जी विमान का इस्तेमाल किया जाएगा.
मुख्य सर्जन डोमिनिक मार्टिन ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "फरवरी से ही हम इस तरह के ऑपरेशन के लिए धरती पर और विमान में अभ्यास करते रहे हैं. हमारे जेहन में इसका ख़ाका स्पष्ट हो चुका है."
इससे पहले फ्रांसीसी डॉक्टर भारहीनता की स्थिति में चूहे का सफल ऑपरेशन कर चुके हैं.