गुरुवार, 24 अगस्त, 2006 को 15:49 GMT तक के समाचार
भारत में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ रही है.
एक अमरीकी इंटरनेट कंपनी की ओर से कराए गए सर्वेक्षण के मुताबिक़ पिछले तीन महीनों के दौरान इस संख्या में 7.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.
सर्वेक्षण में उन लोगों को शामिल नहीं किया गया जो साइबर कैफे या मोबाइल फोन के ज़रिए इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं.
इस मामले में दूसरे स्थान पर है चीन. इन्हीं तीन महीनों के दौरान चीन में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या में 5.22 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.
इस बढ़ोतरी के साथ ही भारत मे इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की तादाद एक करोड़ अस्सी लाख से भी ज्यादा हो गई है.
इंटरनेट उपभोक्ताओं के मामले में भारत एक पायदान चढ़कर अब दुनिया में नौवें स्थान पर आ गया है. अमरीका 15 करोड़ 30 लाख इंटरनेट उपभोक्ताओं के साथ पहले स्थान पर है.
पिछले वर्ष के मॉर्गन स्टेनली के आकलन के अनुसार दुनिया में इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की 36 फीसदी आबादी एशिया में है. 24 फीसदी के साथ दूसरे स्थान पर है यूरोप.
उत्तर अमरीका जहाँ 1969 में लास एंजिल्स और पाउलो आल्टो नाम के दो स्थानों पर केवल दो कंप्यूटरों से इंटरनेट ने अपनी यात्रा शुरु की थी वह महज 23 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर है.
अनुमान लगाया जा रहा है कि 2015 तक इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या एक अरब पार कर जाएगी. दो अरब तक की संख्या पार करने में इसे 2040
तक का समय लग सकता है.
नए उपभोक्ताओं में ज्यादातर लोग एशिया के ही होंगे.
वैसे यदि साइबर कैफे और मोबाइल के ज़रिए इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या को भी शामिल कर लिया जाए तो भारत में यह तादाद पाँच करोड़ से भी ज्यादा है.
छोटे शहरों में भी अब इंटरनेट इस्तेमाल करने के शुल्क में कमी आती जा रही है.